कसारीडीह पोल्ट्री फार्म की 39 एकड़ भूमि के रिडेवलपमेंट की तैयारी
दुर्ग, 15 जून 2026/sns/- कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परियोजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जारी रिडेवलपमेंट पॉलिसी के तहत विभिन्न शासकीय विभागों, मंडलों, निगमों एवं बोर्डों की भूमि पर स्थित जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों के पुनर्विकास संबंधी प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिले में प्रस्तावित रिडेवलपमेंट योजना के तहत कम्पोजिट बिल्डिंग निर्माण, ऑक्सीजोन विकास और नए पोल्ट्री फार्म की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की तैयारी की जा रही है।
बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, संभाग दुर्ग द्वारा सिविल लाइंस के समीप ग्राम कसारीडीह स्थित पशुपालन विभाग के 39.01 एकड़ क्षेत्र में संचालित शासकीय पोल्ट्री फार्म के रिडेवलपमेंट का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान पोल्ट्री फार्म को ग्राम अंजोरा में स्थानांतरित किया जाएगा तथा कसारीडीह स्थित भूमि का आवासीय, व्यावसायिक एवं सार्वजनिक उपयोग के लिए समग्र विकास किया जाएगा। ग्राम अंजोरा में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए पोल्ट्री फार्म की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 27 एकड़ भूमि आबंटित की जा चुकी है। परियोजना के तहत ब्रिडर शेड, ग्रोवर शेड, हैचरी, फीड प्लांट, कार्यालय भवन, आवासीय क्वार्टर, बाउंड्रीवॉल एवं अन्य आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 63.24 करोड़ रुपये है।
बैठक में जिले में प्रस्तावित कम्पोजिट बिल्डिंग निर्माण पर भी चर्चा की गई। प्रस्ताव के अनुसार परियोजना की लागत 22.46 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा हाल ही में दुर्ग में कम्पोजिट बिल्डिंग निर्माण की घोषणा के बाद इस परियोजना को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। भवन निर्माण का कार्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
योजना के तहत 27.50 एकड़ भूमि पर आवासीय एवं व्यावसायिक विकास, शहरवासियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 5 एकड़ भूमि पर ऑक्सीजोन विकसित रखने का प्रस्ताव रखा गया है। इस ऑक्सीजोन का विकास कार्य पूर्ण होने के बाद नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि नई योजना के तहत जी.ई.डी. आवासों की संख्या 216 से बढ़ाकर 336 जीएडी आवास गृह प्रस्तावित है।
बैठक में जिला परियोजना समिति ने विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक सुझाव दिए तथा आगे की कार्यवाही के लिए सहमति प्रदान की। बैठक में नगर निगम के अधिकारी, पशुपालन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारी उपस्थित थे।