मोर गांव मोर पानी महाअभियान से पुनर्जीवित हुआ ग्राम खाला का कछार नाला
अम्बिकापुर, 18 जून 2026/sns/- छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी ’’मोर गांव मोर पानी महाअभियान’’ के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखण्ड की ग्राम खाला में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए गए कार्य ग्रामीणों और किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कछार नाला में जल संरक्षण संबंधी विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया गया है, जिससे न केवल ग्रामीणों को रोजगार मिला बल्कि सिंचाई सुविधाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने जा रही है
जल संरक्षित और फसल उत्पादन में सुविधा
ग्राम खाला की कृषक श्रीमती लक्ष्मी रजक बताती हैं कि कछार नाला वर्षों से पटा हुआ था, जिसके कारण बरसात का पानी बहकर निकल जाता था। मनरेगा के तहत नाला की खुदाई कर उसे पुनर्जीवित किया गया है तथा बोल्डर चेक डैम का निर्माण किया गया है। इससे पानी का संचयन होगा और किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि पानी कुछ समय तक संरक्षित रहने से फसल उत्पादन में सुविधा होगी तथा किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
किसानों को सिंचाई का साधन
ग्राम पंचायत खाला की सरपंच श्रीमती अनुराधा ने बताया कि पहले यह नाला पूरी तरह बंद हो चुका था। मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृति मिलने के बाद इसकी पुनः खुदाई कराई गई तथा विभिन्न स्थानों पर पानी रोकने के लिए बोल्डर आधारित संरचनाएं और वाटर कोर्स विकसित किए गए हैं। इससे बरसात का पानी संरक्षित होगा और क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर साधन उपलब्ध होंगे।
जल संरक्षण कार्यों से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्रीय सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि कछार नाला सिल्ट और मलबे से भर जाने के कारण निष्प्रभावी हो गया था। इसके बाद लगभग तीन किलोमीटर लंबाई के नाला क्षेत्र को चयनित कर मनरेगा योजना अंतर्गत से लगभग 15.60 लाख रुपये की लागत से जल संरक्षण कार्य स्वीकृत कराए गए।
उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत कंस्ट्रक्शन ऑफ वाटर कोर्स कछार नाला पर 9.45 लाख रुपये, 7 लूज बोल्डर चेक डैम पर 3.38 लाख रुपये तथा 1 गेवियन स्ट्रक्चर पर 2.77 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। इन कार्यों से लगभग 176 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी तथा 84 किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रवाल ने कहा कि इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संचयन होगा, भू-जल स्तर में सुधार आएगा तथा हजारों लीटर पानी जमीन में रिसकर जल भंडारण को बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से किसान अब सब्जी उत्पादन सहित दोहरी फसल का लाभ ले सकेंगे।
मोर गांव मोर पानी महाअभियान के तहत ग्राम खाला में किए गए ये कार्य जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। इससे ग्रामीणों को रोजगार, किसानों को सिंचाई सुविधा तथा पूरे क्षेत्र को दीर्घकालिक जल सुरक्षा का लाभ मिलेगा।