भोरमदेव अभ्यारण्य क्षेत्र में चराई प्रतिबंध को लेकर जागरूकता बैठक का हुआ आयोजन
कवर्धा, 24 जून 2026/sns/- भोरमदेव अभ्यारण्य क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन के उद्देश्य से ग्रामीणों और चरवाहों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए ग्राम बेंदरची में बैठक आयोजित की गई। वन मंडलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में भोरमदेव अभ्यारण्य की अधीक्षक श्रीमती अनीता साहू ने ग्रामीण जनप्रतिनिधियों एवं चरवाहों को अभ्यारण्य क्षेत्र में पालतू मवेशियों की चराई पर प्रतिबंध संबंधी जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि अभ्यारण्य क्षेत्र में अनियंत्रित चराई से प्राकृतिक वनस्पतियों का क्षरण होता है, वनों के प्राकृतिक पुनर्जनन की प्रक्रिया प्रभावित होती है तथा वन्यजीवों के भोजन और आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा पालतू पशुओं के माध्यम से वन्यजीवों में विभिन्न संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। इन कारणों से अभ्यारण्य क्षेत्र में पालतू मवेशियों की चराई प्रतिबंधित है तथा इसका पालन करना सभी के लिए आवश्यक है।
ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी गई कि जिले का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले भोरमदेव जंगल सफारी के अंतर्गत वन्यजीव आवास प्रबंधन, चरागाह विकास एवं आवास सुधार के विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। अभ्यारण्य क्षेत्र में चराई पर प्रभावी नियंत्रण से प्राकृतिक घासभूमियों का संरक्षण एवं विकास होगा, जिससे शाकाहारी वन्यप्राणियों को पर्याप्त भोजन और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सकेगा। इससे वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण और ईको-पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों में सहयोग देने तथा अभ्यारण्य क्षेत्र में पालतू मवेशियों की चराई नहीं कराने की सहमति व्यक्त की। साथ ही वन विभाग द्वारा अभ्यारण्य क्षेत्र के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई। इस अवसर पर सरपंच श्री सुखदास पटेल, उपवनक्षेत्रपाल श्री जयकुमार खांडे, श्रीमती मीना धुर्वे, वनरक्षक श्रीमती ऋतु कुमारी बोगल, श्रीमती अहिल्या ठाकुर, श्री हेमराम कपालवे, श्री विनोद कुमार भारद्वाज, श्री रूपेश डोंगरे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं चरवाहे उपस्थित रहे।