दलहन-तिलहन की खेती के प्रति बढ़ा किसानों का उत्साह

मुंगेली, 08 जुलाई 2026/sns/- जिले में मानसून के आगमन के साथ ही खरीफ सीजन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। खेतों में किसान पूरे उत्साह के साथ बुवाई कार्य में जुट गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा किसानों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीकों और योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बार बड़ी संख्या में किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए फसल विविधीकरण को अपनाकर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। शासन की कृषक उन्नति योजना किसानों के इस बदलाव को नई गति दे रही है। ग्राम संगवाकापा के प्रगतिशील किसान श्री कलीराम साहू ने बताया कि वे इस वर्ष मूंगफली और अरहर की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मूंगफली की फसल लगभग ढाई महीने में तैयार हो जाती है, जबकि अरहर की फसल जनवरी तक तैयार होती है। इन फसलों से बेहतर उत्पादन और अच्छी आय की उम्मीद है।
संगवाकापा की ही श्रीमती भगवती कोशले ने भी इस खरीफ सीजन में मूंगफली और अरहर की खेती को अपनाया है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2026 से धान के स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए आर्थिक संबल मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। किसानों का कहना है कि दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती न केवल उत्पादन लागत को संतुलित करने में सहायक है, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शासन की प्रोत्साहनकारी योजनाओं के कारण अब किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ लाभकारी वैकल्पिक फसलों को भी अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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