मास्टर ट्रेनर बबीता गुप्ता बदल रहीं ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी
बिलासपुर, 22 जुलाई 2026/sns/-ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित ’’महतारी सदन’’ आज महिलाओं के लिए विश्वास और सहारे का केंद्र बनता जा रहा है। विकासखंड बिल्हा के ग्राम पंचायत सेमरताल स्थित महतारी सदन में ज्ञान सुधा संकुल संगठन सेमरताल के अंतर्गत राधाकृष्ण स्व सहायता समूह की सदस्य ’’श्रीमती बबीता गुप्ता’’ मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वे न केवल महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ रही हैं, बल्कि घरेलू हिंसा, सामाजिक उपेक्षा और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य भी कर रही हैं।
श्रीमती बबीता गुप्ता नियमित रूप से गांव के विभिन्न मोहल्लों और घरों में जाकर उन महिलाओं से मुलाकात करती हैं जो किसी कारणवश शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही हैं। बातचीत के माध्यम से वे उनकी समस्याओं को समझती हैं और उन्हें संबंधित विभागों एवं योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करती हैं। कई महिलाओं को शासन की विभिन्न हितग्राही योजनाओं की जानकारी नहीं थी, जिसके कारण वे लंबे समय से लाभ से वंचित थीं। बबीता गुप्ता ने ऐसी महिलाओं को आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने, आवेदन प्रक्रिया समझाने तथा संबंधित कार्यालयों तक पहुंच बनाने में सहयोग प्रदान किया। महतारी सदन के माध्यम से घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रीमती गुप्ता ऐसी महिलाओं की काउंसलिंग करती हैं और उनका मनोबल बढ़ाती हैं। उनके सतत प्रयासों से अनेक महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुई हैं।
श्रीमती बबीता गुप्ता महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती एवं मसाला निर्माण तथा अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों के लिए प्रेरित करती हैं। इससे कई महिलाओं ने स्वरोजगार शुरू किया है और अपने परिवार की आय में योगदान देना प्रारंभ किया है। आर्थिक रूप से सशक्त होने के बाद महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गांव की महिलाओं का कहना है कि पहले उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ कैसे प्राप्त किया जाए। महतारी सदन और श्रीमती बबीता गुप्ता के मार्गदर्शन से उन्हें न केवल योजनाओं की जानकारी मिली, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त हुआ। आज वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि महतारी सदन से जुड़े प्रशिक्षित कार्यकर्ता एवं ट्रेनर गांव-गांव और घर-घर जाकर महिलाओं से संपर्क करते हैं। वे शासकीय योजनाओं से वंचित महिलाओं की पहचान करते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और उन्हें संबंधित विभागों से जोड़ने का कार्य करते हैं।