गुरु पूर्णिमा पर अघोर गुरु पीठ बनोरा पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायगढ़, 29 जुलाई 2026/sns/- गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां श्रद्धा और आस्था के साथ अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के दर्शन किए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात उन्होंने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के भी दर्शन किए और उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री अरुणधर दीवान, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री गुरुपाल भल्ला, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विकास केडिया, श्री विवेक रंजन सिन्हा एवं श्री पवन शर्मा, आईजी श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
तीन दशक पहले रखी गई थी बनोरा अघोर गुरु पीठ की नींव
रायगढ़ जिले के पूर्वांचल में स्थित ग्राम बनोरा आज आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ मानव सेवा और समाज कल्याण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। छत्तीसगढ़ में अघोर पंथ के बीजारोपण और उसके विस्तार में बनोरा अघोर गुरु पीठ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। करीब तीन दशक पहले पूज्य अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के कर कमलों से ग्राम बनोरा में अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट की नींव रखी गई थी।
स्थापना के बाद से ही यह ट्रस्ट आध्यात्मिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ राष्ट्र निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। अघोरेश्वर महाप्रभु ने समाज के विकास और मानव कल्याण की व्यापक अवधारणाओं को आगे बढ़ाया। उनकी इसी विचारधारा को बाबा प्रियदर्शी राम जी ने आगे बढ़ाते हुए बनोरा को सेवा, साधना और संस्कारों का केंद्र बनाया। बनोरा से शुरू हुई यह सेवा परंपरा धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंची। बाबा प्रियदर्शी राम जी के मार्गदर्शन में बनोरा से जुड़ी विभिन्न शाखाओं एवं अन्य प्रांतों में भी मानव सेवा की गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं।
शिक्षा, चिकित्सा और सेवा के माध्यम से समाज कल्याण में अहम योगदान
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा और इससे जुड़ी शाखाएं आध्यात्मिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर मानव सेवा को अपनी कार्यप्रणाली का प्रमुख आधार बनाए हुए हैं। आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद, बेसहारा और वंचित लोगों की सहायता के लिए विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जाती हैं। शिक्षा, चिकित्सा और आध्यात्मिक संस्कारों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सहयोग देने का कार्य लगातार किया जा रहा है। ट्रस्ट से जुड़ी संस्थाएं लोगों को जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं से जोड़ने के साथ ही मानवीय मूल्यों, सेवा भावना और संस्कारों के विकास में भी योगदान दे रही हैं। जरूरतमंदों को शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।