स्वच्छता से स्वरोजगार तक का सफल सफर
रायगढ़, 29 जुलाई 2026/sns/- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) केवल गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता को आजीविका और महिला सशक्तिकरण से जोड़ते हुए ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम भी बन रहा है। जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पतरापाली में इसका प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिला है, जहां सामुदायिक शौचालय सह दुकान का मॉडल ग्रामीणों के लिए सुविधा और एक महिला के लिए आत्मनिर्भरता का आधार बन गया है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायत पतरापाली में सामुदायिक शौचालय सह दुकान का निर्माण कराया गया। इस पहल का उद्देश्य गांव के लोगों एवं राहगीरों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ शौचालय उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना था। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद दुकान का संचालन ग्राम की निवासी श्रीमती उर्मिला राठिया को सौंपा गया। उन्होंने पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ दुकान का संचालन शुरू किया। दुकान से होने वाली नियमित आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। आज वे न केवल अपने परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
सामुदायिक शौचालय का नियमित संचालन एवं साफ-सफाई भी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा रही है। इससे ग्रामीणों और मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय सुविधा का लाभ मिल रहा है। वहीं दुकान से प्राप्त आय का एक हिस्सा शौचालय के रखरखाव और संचालन पर भी व्यय किया जा रहा है, जिससे यह व्यवस्था आत्मनिर्भर और दीर्घकालीन रूप से टिकाऊ बनी हुई है। ग्राम पंचायत पतरापाली की यह पहल न केवल ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रही है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के ओडीएफ प्लस लक्ष्यों को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। जिले में इस तरह के नवाचार अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो रहे हैं।