जिला बीजापुर में ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0’ के प्रथम प्रीपरेटरीफेज का सफलता पूर्वक क्रियान्वयन
बीजापुर 05 अगस्त 2026- केन्द्रीय रेशम बोर्ड, भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0‘ के अंतर्गत जिला बीजापुर में प्रथम प्रीपरेटरीफेज का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य वैज्ञानिक पद्धति से तसर रेशम उत्पादन को बढ़ावा देना, हितग्राहियों की उत्पादकता में वृद्धि करना तथा उनकी आय में सतत बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है। इस योजना की विशेषता यह है कि केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा प्रत्येक चयनित जिले के लिए एक वैज्ञानिक को संपूर्ण फसल चक्र के दौरान कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। संबंधित वैज्ञानिक पूरे उत्पादन चक्र में हितग्राहियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखते हैं, उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं तथा तसर पालन के दौरान आने वाली समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करते हैं। इससे हितग्राहियों को वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ सीधे खेत स्तर पर प्राप्त होता है और उत्पादन की गुणवत्ता एवं मात्रा दोनों में सुधार होता है।
वर्ष 2026-27 के लिए जिला बीजापुर में इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु एसएमटीसी, चेन्नूर (तेलंगाना) की वैज्ञानिक सुश्री रम्या का चयन किया गया है। वे जिले के रेशम हितग्राहियों के साथ पूरे फसल चक्र के दौरान कार्य करते हुए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, फसल प्रबंधन एवं उत्पादन संबंधी समस्याओं के समाधान में सहयोग प्रदान करेंगी। प्रथम प्रीपरेटरीफेज के अंतर्गत हितग्राहियों को खाद्य पौधों के प्रबंधन, स्वस्थ डिम्ब समूहों के पालन, नर्सरी विकास, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा आधुनिक तसर उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही आगामी उत्पादन सत्र के लिए आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर कार्ययोजना भी तैयार की गई।
‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0‘ के आगामी चरणों में भी हितग्राहियों को नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी परामर्श एवं वैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल से जिला बीजापुर में तसर रेशम उत्पादन को नई गति मिलने के साथ-साथ हितग्राहियों की आय, आजीविका एवं आर्थिक सशक्तिकरण को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है।