जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों को मिला सुशासन और ग्राम विकास का प्रशिक्षण

अम्बिकापुर, 05 अगस्त 2026/sns/-  विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) “VB-G RAM G ग्रामीण योजना-2025” के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्राम पंचायतों को सशक्त, जवाबदेह एवं विकासोन्मुख बनाने के उद्देश्य से सरगुजा संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित जिला पंचायत सभाकक्ष में तीन दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में सरगुजा संभाग के सभी छह जिलों के जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों ने सहभागिता करते हुए ग्राम विकास, सुशासन एवं पंचायतों की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त किया

यह कार्यशाला पंचायत प्रतिनिधियों की प्रशासनिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। प्रशिक्षण के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को ग्राम पंचायतों के समग्र एवं सहभागी विकास की नई कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया।
कार्यशाला का आयोजन जिलेवार चरणबद्ध तरीके से किया गया। प्रथम दिवस 03 अगस्त 2026 को एमसीबी एवं जशपुर जिले के जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। द्वितीय दिवस 04 अगस्त 2026 को सूरजपुर एवं कोरिया जिले के जनप्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि अंतिम दिवस 05 अगस्त 2026 को बलरामपुर एवं सरगुजा जिले के जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य प्रशिक्षण में शामिल हुए।

प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा  VB-G RAM G ग्रामीण योजना-2025 के विभिन्न आयामों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को योजना के उद्देश्य, कार्यान्वयन प्रक्रिया तथा पंचायतों की भूमिका के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही विकसित भारत ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) के निर्माण, ग्राम स्तर पर समग्र विकास की योजना तैयार करने की प्रक्रिया तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी साझा की गई।

कार्यशाला में ग्रामीण आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग तथा सतत विकास के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से अधिकतम लाभ ग्रामीणों तक पहुँचाने की रणनीतियों को समझाया गया। इसके साथ ही पंचायतों में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही, सामाजिक अंकेक्षण तथा सुशासन के सिद्धांतों पर विशेष रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में केवल सैद्धांतिक जानकारी तक ही सीमित न रहकर पंचायत प्रतिनिधियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्हें ग्राम पंचायतों के प्रभावी संचालन, जनभागीदारी को बढ़ावा देने, योजनाओं की नियमित निगरानी, विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए व्यवहारिक उपाय बताए गए। साथ ही ग्राम स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का निर्माण तथा समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के विभिन्न मॉडल भी प्रस्तुत किए गए।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। यदि पंचायत प्रतिनिधि योजनाओं की सही समझ के साथ कार्य करेंगे तो शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकेगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को ऐसी कार्यप्रणाली से जोड़ना है जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़े, संसाधनों का बेहतर उपयोग हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

तीन दिवसीय इस संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से सरगुजा संभाग के सभी जनपद पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को विकसित भारत जी-राम जी योजना-2025 के उद्देश्यों, ग्राम विकास की नवीन कार्यप्रणाली, सुशासन के सिद्धांतों तथा पंचायतों की विकासात्मक भूमिका के संबंध में व्यापक जानकारी प्रदान की गई। यह प्रशिक्षण भविष्य में ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम, उत्तरदायी एवं जनहितैषी बनाते हुए ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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