जनसरोकार के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

सुकमा, 25 जूलाई 2026/sns/-जिला कलेक्टर श्री अमित कुमार ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में जनसरोकार से जुड़े लंबित प्रकरणों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। केवल औपचारिक या कागजी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी; प्रत्येक शिकायत का समाधान आवेदक की वास्तविक संतुष्टि और शासन के तय मापदंडों के अनुसार होना चाहिए।
कार्यालयीन कामकाज को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कलेक्टर ने सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फाइलों का संपूर्ण मूवमेंट ऑनलाइन होने से प्रशासनिक गति बढ़ेगी और अनावश्यक विलंब पर रोक लगेगी। इसके साथ ही, जिला प्रशासन के प्रमुख फोकस के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और सुशासन तिहार से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा में पूरा करने की कड़ी हिदायत दी गई।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और पीजीएन पोर्टल के लंबित मामलों की विभागवार समीक्षा की गई। अधिक पेंडेंसी वाले विभागों से जवाब-तलब करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण करते हुए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से छिंदगढ़ विकासखंड की तर्ज पर अब सुकमा और कोंटा विकासखंडों में भी विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए।
वर्षाकाल के मद्देनजर कलेक्टर ने विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों को मैदानी स्तर पर पूरी तरह सक्रिय रहने को कहा। साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि वे पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें ताकि हर पात्र नागरिक तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और जनविश्वास मजबूत बने।  बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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