राखी का बंधन, खुशियों का संसार-महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार
दुर्ग, 27 अगस्त 2026/sns/- रक्षाबंधन का त्यौहार बहनों के लिए सुरक्षा, स्नेह और भरोसे का पर्व होता है। दुर्ग शहर के आदित्य नगर की रहने वाली श्रीमती गीतू देवांगन के लिए इस बार का रक्षाबंधन एक नई उम्मीद और स्वावलंबन की रोशनी लेकर आया है। कुछ समय पहले पति के असमय देहांत के बाद गीतू बहन के कंधों पर अपनी वृद्धा सास, एक मासूम बेटी और एक बेटे के पालन-पोषण का पूरा भार आ गया था। पति के जीवनकाल में रोजी-मजदूरी से जैसे-तैसे घर चल जाया करता था, लेकिन उनके जाने के बाद आर्थिक तंगी और संघर्ष ने परिवार को घेर लिया था। ऐसे कठिन और संघर्षपूर्ण समय में प्रदेश सरकार की ’महतारी वंदन योजना’ उनके जीवन में सच्चे साथी और संबल के रूप में सामने आई है।
श्रीमती गीतू देवांगन भावुक होते हुए कहती हैं- ’’पति के जाने के बाद बच्चों की पढ़ाई और सास की देखभाल करने में महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि एक महत्वपूर्ण सहायक बनी है और इस बार तो प्रदेश के मुखिया और हमारे ’विष्णु भैया’ ने रक्षाबंधन से ठीक पहले महतारी वंदन योजना की राशि समय से पहले हमारे खातों में भेजकर एक सच्चे भाई का फर्ज निभाया है। यह सिर्फ एक सरकारी सहायता नहीं है, बल्कि यह हमारे विष्णु भैया का स्नेह और रक्षा का वादा है, जिसने इस कठिन दौर में भी हमारे चेहरे पर मुस्कान ला दी है। इस राशि से रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बच्चों की जरूरतें पूरी होंगी और त्यौहार का उत्साह भी दोगुना हो गया है।‘‘ गीतू जी का कहना है कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली यह नियमित राशि अब उनके संघर्षों की सबसे बड़ी साथी बन चुकी है। विपदा के इस दौर में भाई के रूप में खड़े मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस संवेदनशील पहल और अग्रिम सौगात ने उनके परिवार को आत्मनिर्भरता और आर्थिक निश्चिंतता की राह दिखाई है।