पशुधन को संक्रामक रोगों से बचाने जिले में चल रहा सघन टीकाकरण अभियान
रायगढ़, 7 सितम्बर 2026/sns/- जिले में पशुधन को संक्रामक एवं गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने तथा पशुपालकों को बीमारी से होने वाली आर्थिक क्षति से बचाने के उद्देश्य से पशुधन विकास विभाग द्वारा सघन पशु टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी), हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया (एचएस), ब्लैक क्वार्टर (बीक्यू), एंटरोटॉक्सिमिया (ईटी) तथा सूकरों में होने वाले क्लासिकल स्वाइन फीवर (सीएसएफ) जैसे गंभीर रोगों की रोकथाम के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टीकाकरण किया जा रहा है।
लम्पी, एचएस और बीक्यू से बचाव के लिए हजारों पशुओं का टीकाकरण
अभियान के अंतर्गत विभागीय पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं मैदानी अमले द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर पात्र पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। अब तक लम्पी स्किन डिजीज से बचाव के लिए 23,410 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया एवं ब्लैक क्वार्टर की रोकथाम के लिए 70,895 पशुओं को टीके लगाए गए हैं। लम्पी स्किन डिजीज पशुओं में होने वाला संक्रामक रोग है। इसके संभावित लक्षणों में शरीर पर गांठ, बुखार, कमजोरी तथा त्वचा पर घाव आदि शामिल हैं। विभाग द्वारा पशुपालकों को सलाह दी गई है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें और तत्काल निकटस्थ पशु चिकित्सालय अथवा विभागीय अधिकारी से संपर्क करें। साथ ही पशुओं को अनावश्यक रूप से अन्य पशुओं के संपर्क में आने से बचाने की अपील की गई है।
भेड़-बकरियों और सूकरों को भी बीमारी से बचाने पर जोर
एंटरोटॉक्सिमिया से बचाव के लिए जिले में 39,778 भेड़ एवं बकरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह एक गंभीर बीमारी है, जो विशेष रूप से छोटे पशुओं को प्रभावित कर सकती है। बीमारी की स्थिति में अचानक कमजोरी, पेट संबंधी विकार सहित गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं और गंभीर मामलों में पशु की मृत्यु भी हो सकती है। इसी तरह सूकरों में होने वाले अत्यंत संक्रामक वायरल रोग क्लासिकल स्वाइन फीवर की रोकथाम के लिए 3,118 सूकरों का टीकाकरण किया गया है। विभाग द्वारा टीकाकरण के साथ-साथ पशुपालकों को पशुओं की नियमित देखभाल, समय पर टीकाकरण और बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का निर्धारित समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं। टीकाकरण दल के गांव में पहुंचने पर अपने पशुओं को उपलब्ध कराकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटस्थ पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय अथवा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी से संपर्क करें। विभाग ने कहा कि समय पर टीकाकरण पशुओं को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के साथ उनकी उत्पादकता बनाए रखने और पशुपालकों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।