सेवा संकल्प अभियान: वनांचल से मैदानी क्षेत्रों तक 10 हजार 192 ग्रामीण परिवारों के सपनों को मिला अपना पक्का आशियाना
कवर्धा, 11 सितंबर 2026/sns/- आज का दिन कबीरधाम जिले के हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए खुशी, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया। वर्षों से पक्के मकान का सपना संजोए आवासहीन ग्रामीण परिवारों के सपने आज उस समय साकार हुए, जब उन्हें अपने नए आशियाने की चाबी मिली और उन्होंने परिवार सहित अपने पक्के घर में गृह प्रवेश किया। 1 अप्रैल 2026 से 11 सितंबर 2026 की अवधि में जिले के कुल 10 हजार 192 आवासहीन ग्रामीण परिवारों के लिए पक्के आवास पूर्ण हुए हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 8 हजार 965, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के 1 हजार 65 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 162 आवास शामिल हैं। महज पांच माह की अवधि में इतने बड़े पैमाने पर आवासों का निर्माण पूर्ण होना जिले में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय का परिणाम है। कच्चे मकानों में बारिश, गर्मी और ठंड के दौरान होने वाली परेशानियों से जूझने वाले इन परिवारों को अब सुरक्षित और मजबूत छत मिली है। पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व आया है, सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ा है तथा परिवार के भविष्य को लेकर सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के ग्रामीण परिवारों को आवास, रोजगार, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
चाबी मिली तो चेहरे पर आई मुस्कान, गृह प्रवेश बना उत्सव
जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में आज पूर्ण हुए आवासों में हितग्राहियों ने परिवार सहित विधिवत गृह प्रवेश किया। वनांचल क्षेत्र के जनमन आवास हितग्राहियों से लेकर मैदानी क्षेत्रों के प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों तक, हर परिवार के लिए यह दिन यादगार बन गया। गृह प्रवेश के अवसर पर जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने उपस्थित होकर आवास हितग्राहियों को श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा आज जिला शक्ति के ग्राम जेठा में प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, पीएम जनमन योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत पूर्ण आवासों के हितग्राहियों को चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया गया। इसी क्रम में कबीरधाम जिले के 10 हजार 192 पूर्ण आवासों में हितग्राहियों ने अपने परिवार सहित गृह प्रवेश कर खुशियां मनाईं।
गृह प्रवेश बना उत्सव का अवसर-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने बताया कि जिले के 10 हजार 192 आवासहीन परिवारों को अपना पक्का घर मिल गया है। केवल पांच माह की अल्प अवधि में इतने बड़े पैमाने पर आवासों का निर्माण पूर्ण कराना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर लगातार प्रयास किए गए। उन्होंने बताया कि आवास निर्माण की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा बैठकें, मैदानी कर्मचारियों के नियमित फील्ड विजिट तथा हितग्राहियों के साथ चैपाल और बैठकों के माध्यम से उन्हें शीघ्र आवास निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया गया। इन सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम आज हजारों परिवारों के गृह प्रवेश के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि आज वनांचल क्षेत्र के पीएम जनमन आवास के लाभार्थियों से लेकर मैदानी क्षेत्रों के प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों तक, हर परिवार के लिए गृह प्रवेश का यह अवसर उत्सव जैसा है।
समाज के अंतिम छोर तक पहुंच रही शासन की योजनाएं-सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि हजारों ग्रामीण परिवारों को आज उनके सपनों के घर की चाबी मिली है। अपना पक्का घर बनाना प्रत्येक परिवार का सपना होता है और शासन से मिली सहायता राशि ने ग्रामीण परिवारों के इस सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि आवास निर्माण के दौरान ग्रामीण परिवारों को विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत 90 से 95 दिवस तक का रोजगार भी मिला है। इसके लिए प्रत्येक ग्रामीण परिवार को लगभग 24 हजार से 27 हजार रुपये तक का मजदूरी भुगतान प्राप्त हुआ है, जो परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक संबल बना। श्री अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि आवास हितग्राहियों को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी लाभान्वित करते हुए आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ा जाए। इसके तहत आजीविका डबरी, कूप निर्माण, निजी डबरी, पशुशेड जैसे कार्यों से ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
पक्के आवास के साथ सुविधाओं और आजीविका से जुड़ रहा परिवार
पक्के आवास का निर्माण पूर्ण होने से ग्रामीण परिवारों को केवल सुरक्षित और सम्मानजनक आवास ही नहीं मिला, बल्कि उनके जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हुई है। आवास हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़कर सैचुरेशन एवं अभिसरण के माध्यम से उनके जीवन को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आवास के साथ पात्र हितग्राहियों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय, बिजली, स्वच्छ पेयजल, उज्ज्वला गैस, आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य पात्रता आधारित योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।इस तरह जिले के 10,192 ग्रामीण परिवारों के लिए उनका नया पक्का घर केवल ईंट और सीमेंट से बनी इमारत नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत बनकर सामने आया है। वनांचल से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक गूंजती गृह प्रवेश की खुशियां इस बात की गवाह हैं कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम छोर तक पहुंचकर लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं।