नक्सल हिंसा के घावों से सुरक्षित आशियाने तक
बीजापुर, 17 सितम्बर 2026/sns/- ग्राम पंचायत गंगालूर निवासी श्री बुधु हेमला की कहानी उन परिवारों के लिए उम्मीद की मिसाल है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन गुजारा है। कभी नक्सल हिंसा में गोली लगने से घायल हुए बुधु हेमला और उनका परिवार वर्षों तक भय एवं असुरक्षा के बीच जीवन जीने को मजबूर रहा। आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से उन्हें पक्का और सुरक्षित आवास मिला है, जिससे उनके जीवन में स्थायी बदलाव आया है।
श्री बुधु हेमला सलवा जुडूम अभियान के दौरान क्षेत्र में ग्रामीणों को नक्सलवाद के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के कार्य से जुड़े थे। इसी दौरान वे नक्सलियों के निशाने पर आ गए। लगातार धमकियां मिलने के बावजूद उन्होंने समाजहित में किए जा रहे अपने प्रयास जारी रखे। एक दिन नक्सलियों ने उनका पीछा कर गोलीबारी की, जिसमें उनके हाथ में गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस घटना के बाद उनके जीवन में भय और असुरक्षा का दौर शुरू हुआ। परिवार के साथ कच्चे एवं असुरक्षित मकान में रहते हुए उन्हें हर समय अपने परिजनों की सुरक्षा की चिंता सताती रहती थी। लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने के बाद शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके लिए नई उम्मीद बनकर आई। विशेष परियोजना के माध्यम से उन्हें पक्का आवास स्वीकृत किया गया और अब उनका सुरक्षित एवं मजबूत घर बनकर तैयार हो चुका है।
घर मिला तो लौटा भरोसा, भविष्य के सपनों को मिली नई राह
बुधु हेमला के लिए यह आवास केवल एक भवन नहीं है। वर्षों की पीड़ा, संघर्ष और असुरक्षा के बाद मिला यह घर उनके परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान और नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है। पक्की छत के नीचे अब उनका परिवार अधिक सुरक्षित वातावरण में जीवनयापन कर रहा है और भविष्य को लेकर नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहा है।
श्री बुधु हेमला बताते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि संघर्षों से भरे जीवन के बाद उनका परिवार भी सुरक्षित और पक्के घर में रह सकेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना से मिले आवास ने उनकी वर्षों पुरानी चिंता को कम किया है। वे शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि अब उनके परिवार के जीवन में भय की जगह विश्वास और भविष्य को लेकर उम्मीद ने ली है।
योजनाओं से बदलाव की कहानी
बुधु हेमला की कहानी यह दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास भी लेकर आती हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं, जिनमें सरकारी योजनाओं के प्रभाव से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव को रेखांकित किया जा रहा है। जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा जरूरतमंद एवं प्रभावित परिवारों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उद्देश्य यही है कि विकास की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं बेहतर जीवन जीने का अवसर मिले।