सघन कुष्ठ खोज अभियान की केंद्रीय टीम ने किया जिले का तीन दिवसीय दौरा

मुंगेली, 22 सितंबर 2026/sns/- राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में चलाए जा रहे सघन कुष्ठ खोज अभियान की प्रगति एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कुष्ठ प्रभाग की टीम ने जिले का तीन दिवसीय दौरा किया। टीम ने जिले के तीनों विकासखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी क्षेत्रों एवं विद्यालयों का भ्रमण कर अभियान की गतिविधियों का निरीक्षण किया तथा स्वास्थ्य अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भारत में 2027 तक कुष्ठ रोग के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत जिले के समस्त विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में 15 जून 2026 से सघन कुष्ठ खोज अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोग के संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी जांच एवं रोग की पुष्टि कर रहा है। रोग की पुष्टि होने पर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान एवं समय पर उपचार सुनिश्चित कर संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करना तथा कुष्ठ संबंधी विकलांगता से बचाव करना है।
केंद्रीय कुष्ठ प्रभाग की टीम में डॉ. मुकेश कुमार सोनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एन.एफ.एस.जी.) एवं डॉ. जयंत एस., चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे। टीम ने जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे के साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। टीम ने विकासखंड मुंगेली के शहरी वार्डों तथा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुष्ठ रोग की जांच, मरीजों के उपचार एवं अभियान की प्रगति की जानकारी ली गई। इसी तरह विकासखंड लोरमी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया गया। टीम ने चिरायु दल, कुष्ठ मरीजों एवं मितानिनों से चर्चा कर अभियान के संबंध में जानकारी ली। साथ ही विद्यालय का भ्रमण कर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इसी क्रम में विकासखंड पथरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मितानिनों से मुलाकात कर अभियान की गतिविधियों की जानकारी ली गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलखुरी में मरीजों एवं मितानिनों से चर्चा के साथ विद्यालय का भी निरीक्षण किया गया।
केंद्रीय टीम ने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में फिजियोथेरेपिस्ट को समुदाय में आरसीएस (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) कराए जा चुके कुष्ठ मरीजों को नियमित रूप से आवश्यक एक्सरसाइज कराने के निर्देश दिए। इससे मरीजों में कार्यक्षमता बनाए रखने और विकलांगता की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं जिला अस्पताल में कुष्ठ रोग की पहचान एवं पुष्टि के लिए स्किन स्मीयर जांच में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले से अभियान के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के संबंध में भी चर्चा की। केंद्रीय कुष्ठ प्रभाग की टीम ने कहा कि कुष्ठ रोग के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रारंभिक अवस्था में रोग की पहचान और समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर संभावित मरीजों की खोज से रोग की जल्द पहचान संभव होती है और उपचार के माध्यम से संक्रमण के प्रसार एवं कुष्ठ संबंधी विकलांगता की रोकथाम की जा सकती है। जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय टीम ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा जिले में कुष्ठ रोग की पहचान, उपचार एवं रोकथाम की गतिविधियों को निरंतर प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।

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