सेवा की कहानी कौशल ने उर्मिला को दी आत्मनिर्भरता की राह

अम्बिकापुर, 25 सितंबर 2026/sns/- कौशल के साथ जब अवसर और प्रशिक्षण जुड़ता है तो युवाओं के लिए स्वरोजगार की राह खुलती है। सेवा संकल्प अभियान की ‘सेवा की कहानी’ में ऐसी ही कहानी है सूरजपुर जिले के ग्राम राजापुर, पोस्ट साल्ही की उर्मिला सिंह की। खेती-किसानी से जुड़े परिवार से आने वाली उर्मिला ने कौशल प्रशिक्षण लेकर न केवल स्वयं के लिए आजीविका का साधन तैयार किया, बल्कि अब वे अपने हुनर के माध्यम से दूसरे लोगों को रोजगार देने के साथ उन्हें सिलाई का प्रशिक्षण भी दे रही हैं।

गांव से पूरी की स्कूली शिक्षा, कॉलेज के बाद मिला कौशल प्रशिक्षण का अवसर
उर्मिला बताती हैं कि उनके माता-पिता खेती-बाड़ी करते हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गांव में ही पूरी की और इसके बाद सूरजपुर से कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण की जानकारी मिली। उन्होंने जन शिक्षण संस्थान के माध्यम से छह माह का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान मिले व्यावहारिक ज्ञान और हुनर ने उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।

अम्बिकापुर में खोला खुद का बुटीक
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उर्मिला ने अपने हुनर को रोजगार में बदलने का निर्णय लिया और अम्बिकापुर में अपना बुटीक शुरू किया। उनके बुटीक को संचालित करते हुए अभी करीब तीन से चार महीने ही हुए हैं, लेकिन इस कम समय में उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है।

उर्मिला महिलाओं के विभिन्न प्रकार के परिधान तैयार करती हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षण के बाद वे लेडीज वियर से जुड़े सिलाई के काम में दक्ष हुई हैं और अब अलग-अलग तरह के परिधान स्वयं तैयार कर रही हैं।

खुद आत्मनिर्भर बनीं, अब दूसरों को भी रोजगार और प्रशिक्षण

उर्मिला की सफलता केवल स्वयं का रोजगार शुरू करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने बुटीक में दो अन्य लोगों को रोजगार भी दिया है। इसके साथ ही चार से पांच लोगों को सिलाई का काम सिखा रही हैं, ताकि वे भी हुनर सीखकर आगे अपनी आजीविका का साधन तैयार कर सकें।

इस तरह प्रशिक्षण से मिला एक अवसर अब दूसरे लोगों तक भी पहुंच रहा है। उर्मिला का प्रयास बताता है कि कौशल विकास के माध्यम से युवा स्वरोजगार अपनाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार कर सकते हैं।

शुरुआती दौर में 12 से 15 हजार रुपए तक की मासिक आय

उर्मिला बताती हैं कि बुटीक अभी शुरुआती दौर में है और वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 से 15 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है। वे अपने काम को आगे बढ़ाने के साथ प्रशिक्षण लेने वाले लोगों को भी सिलाई की बारीकियां सिखा रही हैं।

“हुनर ने अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया”
अपनी यात्रा साझा करते हुए उर्मिला सिंह ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत यह हुनर सीखा। इसके जरिए मैं अपने पैरों पर खड़ी हुई हूं। अब मैं दूसरे लोगों को भी सिखा रही हूं और दो लोगों को काम भी दिया है। हमें ऐसा अवसर और योजना मिली, जिससे हम अपने पैरों पर खड़े हो पाए। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहती हूं।”

सेवा संकल्प अभियान में आत्मनिर्भरता का संदेश

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आ रही ‘सेवा की कहानी’ में उर्मिला की यात्रा कौशल प्रशिक्षण से स्वरोजगार और फिर रोजगार सृजन तक पहुंचने की कहानी है। प्रशिक्षण से प्राप्त हुनर को उन्होंने अपनी आजीविका का माध्यम बनाया और अब वही हुनर अन्य लोगों तक पहुंचा रही हैं।

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