टीबी मुक्त भारत की दिशा में बीजापुर का बड़ा कदम, ‘जोश’ टीम का हुआ शुभारंभ

बीजापुर, 09 अक्टूबर 2026/sns/- राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान को नई गति देने तथा जिले में क्षय रोग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बीजापुर के सांस्कृतिक भवन में ‘जोश’ (JOSH) टीम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर टीबी उन्मूलन के निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाली जिले की 31 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों को महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही उपचाररत 10 टीबी मरीजों को पोषण आहार वितरित कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।

31 ग्राम पंचायतों ने पूर्ण किए टीबी मुक्त पंचायत के छह मापदंड- कलेक्टर श्री विश्वदीप एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में जिले में टीबी उन्मूलन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत खखार जांच, टीबी धनात्मक मरीजों की स्थिति, यूडीएसटी जांच, उपचार की सफलता दर, निक्षय पोषण योजना तथा निक्षय मित्र जैसे छह निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाली 31 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में इन पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से टीबी जैसी बीमारी के उन्मूलन की दिशा में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

‘जोश’ टीम के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी नई गति- कार्यक्रम में ‘जोश’ टीम के शुभारंभ के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित मरीजों की समय पर जांच सुनिश्चित करना तथा उपचाररत मरीजों को नियमित दवा सेवन एवं आवश्यक पोषण सहायता के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी ने जिले की अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों से टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी का समय पर पता लगने और नियमित उपचार से मरीज स्वस्थ हो सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, मितानिनों एवं समुदाय की सामूहिक सहभागिता आवश्यक है।

उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों से निर्धारित मापदंडों को पूरा करते हुए अपने गांव को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

10 टीबी मरीजों को पोषण आहार वितरित, नियमित उपचार का दिया संदेश- कार्यक्रम के दौरान उपचाररत 10 टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि टीबी के प्रभावी उपचार में नियमित दवाओं के साथ पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीजों को उपचार की पूरी अवधि में पर्याप्त पोषण, पारिवारिक सहयोग एवं स्वास्थ्य विभाग की नियमित निगरानी मिलना आवश्यक है। निक्षय पोषण योजना एवं निक्षय मित्र जैसी पहलों के माध्यम से मरीजों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को इस अभियान से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य अधिकारियों एवं युवाओं की रही सहभागिता- कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री भुवन सिंह चौहान उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री पी.आर. खंडेलवाल, श्री डी.पी. साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. वरुण कुमार साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला क्षय अधिकारी श्री चेलपति राव ने की। इस अवसर पर श्री हरीश कौशिक डीपीसी, श्री पी.एल. टांडिया, श्री मनोज साहू, श्री योगेश कुमार भगत, श्री गोपाल साहू, श्री नरसिंह रत्नाकर, श्री रमाकांत पुनेठा, श्री हरि राव नायडू, श्री के.बी. चंद्रशेखर, श्री मनकू राम कोवासी, श्री तोरण नेताम, श्री विनय चंद्रवंशी, श्री अभिलेख कावरे एवं श्री ओनेश राय दुर्गम सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, माई भारत के स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट, टीबी मरीज, मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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