सेवा की कहानी: मातृ वंदना योजना से लीलावती को मिला आर्थिक संबल, पौष्टिक आहार और दवाइयों की जरूरतें हुईं पूरी

अम्बिकापुर, 12 अक्टूबर 2026/sns/-  गर्भावस्था और मातृत्व के दौरान महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली सहायता राशि अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम कृष्णापुर निवासी लीलावती के लिए उपयोगी साबित हुई है। योजना के अंतर्गत प्राप्त 5 हजार रुपये से उन्होंने पौष्टिक भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। लीलावती बताती हैं कि इस सहायता से उन्हें अपनी और बच्चे की सेहत का ध्यान रखने में मदद मिली और वर्तमान में दोनों स्वस्थ हैं।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई लीलावती की यह कहानी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से हितग्राहियों को मिल रहे लाभ को दर्शाती है।

दो किस्तों में मिली सहायता से पूरी हुईं जरूरी आवश्यकताएं
लीलावती ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। पहली किस्त में 3 हजार रुपये और दूसरी किस्त में 2 हजार रुपये मिले। इस राशि का उपयोग उन्होंने पौष्टिक आहार, आवश्यक दवाइयों और अपनी अन्य जरूरतों को पूरा करने में किया।

उन्होंने बताया कि मातृत्व के दौरान स्वास्थ्य और पोषण का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। ऐसे समय में योजना से मिली आर्थिक सहायता उनके लिए काफी मददगार रही। इससे उन्हें अपने साथ बच्चे के स्वास्थ्य की देखभाल करने में भी सुविधा मिली।

दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रथम संतान के लिए 5 हजार रुपये की सहायता राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है। वहीं दूसरी संतान बालिका होने पर पात्रता के अनुसार 6 हजार रुपये की राशि एकमुश्त प्रदान किए जाने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री माताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को प्रोत्साहित करना है।

लीलावती ने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि मातृत्व के समय मिली इस सहायता राशि से उन्हें अपनी और बच्चे की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिला।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की देखभाल में सहायक बनी योजना
लीलावती का अनुभव दर्शाता है कि मातृत्व के दौरान समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं की पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। ग्राम कृष्णापुर की लीलावती ने योजना से मिली राशि का उपयोग पौष्टिक आहार और दवाइयों के लिए कर इसका लाभ उठाया है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत उनकी यह कहानी शासन की मातृ कल्याण योजना से जरूरतमंद महिलाओं को मिल रही सहायता का उदाहरण है।

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