छात्रावासों में औचक निरीक्षण के बाद 15 अधीक्षकों पर बड़ी कार्रवाई, 2 दिन में मांगा जवाब
सुकमा, 12 अक्टुबर 2026/sns/- जिले के वनांचल क्षेत्रों में संचालित आश्रम, छात्रावास एवं पोटाकेबिनों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के अनुपालन में विभागीय अधिकारियों की विशेष टीमों ने जिले की सभी आवासीय संस्थाओं का आकस्मिक एवं सघन निरीक्षण किया। प्रशासन की इस सक्रियता का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन द्वारा विद्यार्थियों के लिए तय किए गए मानकों और व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर कोई कोताही न बरती जाए।
निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा के दौरान कई आश्रमों व छात्रावासों में निर्धारित रोस्टर का पालन न करने तथा मूलभूत व्यवस्थाओं में कमियां पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। कर्तव्य में लापरवाही एवं अव्यवस्था पाए जाने पर बालक आश्रम गुट्टागुड़ा, बालक आश्रम नीलावरम, बालक आश्रम मुनगा, बालक आश्रम नामापारा, कन्या आश्रम चिंगावरम, पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास सुकमा, माता रूकमणी बालक आश्रम बुड़दी, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास बड़ेसेटटी, बालक आश्रम मिरीवाड़ा, पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास कोंटा, बालक आश्रम मुतोड़ी, बालक आश्रम सिलगेर, पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास तोंगपाल, बालक आश्रम किकिरपाल तथा प्री मैट्रिक बालक छात्रावास कुमाकोलेंग सहित कुल 15 संस्थाओं के अधीक्षकों व अधीक्षिकाओं के विरुद्ध श्कारण बताओ नोटिसश् जारी किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के पोषण, आवास और शिक्षा की व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित सभी अधीक्षकों को पत्र प्राप्ति के 02 दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। जिला प्रशासन की इस त्वरित और सख्त मॉनिटरिंग से लापरवाह कर्मियों में हड़कंप मच गया है, वहीं दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रावासों में अनुशासन, समयबद्धता और व्यवस्थाओं के और अधिक सुदृढ़ होने की राह खुली है।