विष्णुदेव साय सरकार की ऐतिहासिक पहल

सुकमा, 12 अक्टुबर 2026/sns/- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील और जनकल्याणकारी नेतृत्व में बस्तर संभाग के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विकास एवं खुशहाली का नया अध्याय लिखा जा रहा है। शासन की मंशानुरूप अंतिम छोर पर बसे ग्रामीणों को उनके जल, जंगल और जमीन पर वास्तविक अधिकार दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में सुकमा जिले के सुदूर श्नियद नेल्लानारश् क्षेत्र के ग्रामीणों को जमीन का मालिकाना हक प्रमाण पत्र सौंपने की दिशा में बड़ा और ठोस निर्णय लिया गया है।
   कलेक्टर श्री अमित कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपखण्ड स्तरीय समिति कोंटा अंतर्गत प्राप्त 332 व्यक्तिगत वन अधिकार दावों की गहन समीक्षा की गई, जिसमें से समिति ने सर्वसहमति से 195 व्यक्तिगत वनाधिकार प्रकरणों को स्वीकृति देते हुए प्रमाण पत्र जारी करने का फैसला लिया।
पारदर्शिता और त्वरित समाधान पर जोर
प्रशासन ने प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए शेष 132 राजस्व वन प्रकरणों में जीपीएस (अक्षांश एवं देशांतर) के आधार पर सटीक सीमांकन पूर्ण कर शीघ्र अधिकार पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नियमों के तहत परीक्षण उपरांत अपात्र पाए गए (काबिल कास्त, चट्टान मद एवं दोहरे) केवल 05 प्रकरणों को नियमानुसार निरस्त किया गया।
सामुदायिक वन अधिकार : 4 गावों को 4763 हेक्टेयर वन संपदा का अधिकार
ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में समिति ने सामुदायिक वन संसाधन के 4 बड़े प्रकरणों को भी हरी झंडी दी। इसके तहत कुल 4763.658 हेक्टेयर रकबे का प्रमाण पत्र जारी करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गयारूस
ग्राम अरलमपल्ली: 1728.670 हेक्टेयर
ग्राम जग्गावरम: 1527.106 हेक्टेयर
ग्राम केरलापेन्दा: 1402.482 हेक्टेयर
ग्राम पुनपल्ली: 105.400 हेक्टेयर
इस निर्णय से स्थानीय जनजातीय समुदाय न केवल अपनी पारंपरिक वन संपदा के संरक्षक बनेंगे, बल्कि उनके आजीविका संवर्धन के नए मार्ग भी खुलेंगे।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर, सहायक आयुक्त श्री हेमंत सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम, श्रीमती माड़े बारसे एवं श्री कोरसा सन्नू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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