एक-दो बकरियों से शुरू हुआ सफर, आज बकरी पालन से सालाना पांच लाख रुपये से अधिक की आय
अम्बिकापुर, 13 अक्टूबर 2026/sns/- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कपाट बहरी निवासी श्री संतोष चौहान की सफलता की कहानी मेहनत, लगन और आधुनिक पशुपालन तकनीकों को अपनाने का प्रेरक उदाहरण है। कभी एक-दो बकरियों से पारंपरिक तरीके से बकरी पालन शुरू करने वाले संतोष आज इस व्यवसाय से सालाना लगभग पांच लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं।
सीमित संसाधनों से की शुरुआत
कुछ वर्ष पहले संतोष चौहान ने सीमित संसाधनों के बीच एक-दो बकरियों के साथ बकरी पालन शुरू किया था। शुरुआत में आमदनी कम होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इसे व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्होंने पशुपालन विभाग से संपर्क कर बकरियों के वैज्ञानिक रखरखाव, संतुलित आहार, आवास व्यवस्था, टीकाकरण और नस्ल सुधार से संबंधित मार्गदर्शन एवं सुविधाओं का लाभ लिया।
वर्ष 2022-23 में उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान सहित उन्नत पशुपालन तकनीकों को अपनाते हुए बकरियों की नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया। इससे पशुओं के स्वास्थ्य, वजन वृद्धि और उत्पादन क्षमता में सुधार लाने में मदद मिली।
उन्नत तकनीकों से बढ़ा व्यवसाय
नियमित देखभाल, वैज्ञानिक प्रबंधन और पशुपालन विभाग के सहयोग से संतोष का बकरी पालन व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ा। एक-दो बकरियों से शुरू हुआ उनका सफर आज 10 से 15 उन्नत नस्ल की बकरियों तक पहुंच गया है। बेहतर खान-पान, समय पर टीकाकरण और पशुओं के उचित रखरखाव को उन्होंने अपने व्यवसाय का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप आज संतोष चौहान बकरी पालन से सालाना लगभग पांच लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। इस व्यवसाय ने उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान किया है और घरेलू आवश्यकताओं एवं जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद की है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
बकरी पालन से प्राप्त आर्थिक मजबूती ने संतोष के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अब वे अपने व्यवसाय को और अधिक विस्तारित करने तथा आधुनिक तरीके से संचालित करने की योजना बना रहे हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन, नियमित देखभाल, वैज्ञानिक तकनीकों और मेहनत के माध्यम से पशुपालन को आजीविका का एक बेहतर साधन बनाया जा सकता है।