संतुलित उर्वरक के उपयोग और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर ‘उर्वरक की पाठशाला’ सहकारिता सम्मेलन आयोजित

मुंगेली, 13 अक्टूबर 2026/sns/- जिले के किसानों को संतुलित उर्वरक के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और सहकारिता के माध्यम से कृषि विकास के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, मुंगेली में सोमवार को कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको), बिलासपुर द्वारा ‘उर्वरक की पाठशाला’ सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और सुपरवाइजरों सहित कुल 95 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में संतुलित उर्वरक के उपयोग, मृदा परीक्षण, जैविक खाद, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों तथा किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
सम्मेलन में कृभको रायपुर के राज्य प्रबंधक श्री आशुतोष चंद्राकर ने कृभको की सहकारी संस्था के रूप में भूमिका और किसानों तक गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कृभको के विभिन्न उर्वरकों, जैविक खाद, कम्पोस्ट, जिंक, संकर एवं संशोधित बीज सहित अन्य उत्पादों के बारे में बताया। साथ ही पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों, मृदा परीक्षण और ई-टोकन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) बिलासपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रतिनिधि श्री राकेश मिस्री ने किसानों के लिए संतुलित उर्वरक के महत्व और मिट्टी की सेहत बनाए रखने में मृदा परीक्षण की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कृभको के विभिन्न उत्पादों की जानकारी देते हुए राइजोसुपर, सिवारिका, जैविक खाद, कम्पोस्ट, संकर एवं संशोधित बीज, नीम लेपित यूरिया, जिंक, डीएपी और एनपीके सहित कृषि आदानों के बारे में विस्तार से बताया। सहकारिता विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक श्री आर.डी. केशरवानी ने सहकारिता विभाग की योजनाओं और सहकारी समितियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने संतुलित उर्वरक के उपयोग तथा ई-टोकन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए समितियों को किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी श्री संतोष सिंह ठाकुर ने सहकारी समितियों को खाद का विक्रय पीओएस मशीन के माध्यम से करने के निर्देश दिए। उन्होंने यूरिया, डीएपी, जैविक खाद, कम्पोस्ट तथा फसल बीमा से संबंधित जानकारी साझा की। साथ ही किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कृषि विभाग के जिला निरीक्षक श्री मनहरण कुर्रे ने उपस्थित अधिकारियों एवं समिति प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए संतुलित उर्वरक के उपयोग और मृदा परीक्षण को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के साथ जैविक खाद एवं कम्पोस्ट के उपयोग के महत्व की जानकारी दी। साथ ही समितियों को ई-टोकन प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से बताया।
सम्मेलन में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और सहकारी बैंक से जुड़े प्रतिनिधियों ने कृषि विकास में समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में श्री राकेश मिस्त्री ने सभी अतिथियों, समिति प्रबंधकों, सुपरवाइजरों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के श्री अविनाश कश्यप, जिला सहकारी बैंक के सहायक नोडल अधिकारी श्री भारत लाल कौशिक तथा शाखा प्रबंधक श्री देवेंद्र देवांगन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कृभको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रतिनिधि श्री राकेश मिस्त्री ने किया।

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