बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रशासन की पहल

सुकमा, 13 अक्टुबर 2026/sns/- बालिकाओं को शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सुकमा द्वारा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (11 अक्टूबर) के अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल, पाकेला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसरों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। जिला प्रशासन की पहल से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर सशक्त और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
शिक्षा, सुरक्षा और समानता पर दिया विशेष जोररू कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, लिंगानुपात में सुधार लाने और समाज में समान अवसर सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। इसके साथ ही यौन शोषण से बचाव, घरेलू हिंसा की रोकथाम तथा दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में भी जागरूक किया गया। उपस्थित बालिकाओं को बताया गया कि शिक्षा और जागरूकता उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उनके अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने में परिवार, समाज एवं प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
   कौशल प्रशिक्षण और सहायता सेवाओं की दी गई जानकारीरू कार्यक्रम में बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण, कंप्यूटर प्रशिक्षण तथा अन्य रोजगारपरक कौशल विकास के अवसरों की जानकारी दी गई। विपरीत परिस्थितियों में महिलाओं एवं बालिकाओं को सहायता, संरक्षण और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सखी वन स्टॉप सेंटर की भूमिका से भी अवगत कराया गया। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि महिलाएं और बालिकाएं उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
 सशक्त बालिकाओं से बनेगा सुरक्षित और विकसित समाजरू कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला संरक्षण अधिकारी प्रमिला सिंह, जेंडर विशेषज्ञ दीपिका सिंह, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्रदान करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बालिकाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ऐसे जागरूकता प्रयास सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के माध्यम से बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य और समानतापूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में जागरूकता का संदेश प्रसारित किया गया।

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