मजदूरों के बीच पहुंचे जिला पंचायत सीईओ, एनएमएमएस ऐप से खुद कराई श्रमिकों की हाजिरी

  जांजगीर-चांपा, 26 अक्टूबर 2026/sns/-जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार पोयाम ने विकसित भारत – जी राम जी के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अकलतरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत रसेड़ा में नवीन तालाब निर्माण एवं निर्माणाधीन बालिका शौचालय अर्जुनी में पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एनएमएमएस  (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) ऐप के माध्यम से श्रमिकों  की उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया का जायजा लिया और स्वयं ऐप से मजदूरों की हाजिरी कराई।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने मौके पर चल रहे निर्माण कार्य की गतिविधियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत सीईओ श्री शैलेश भगत, प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी श्री गौरव शुक्ला, पीओ श्री एल पी राठौर ग्राम पंचायत के सरपंच, रोजगार सहायक (आरएस) एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की उपस्थिति ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही थी। डिजिटल माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की यह व्यवस्था कार्यस्थल पर श्रमिकों की उपस्थिति का रिकॉर्ड रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नवीन तालाब का निर्माण ग्रामीण क्षेत्र में जल संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके साथ ही निर्माण कार्य से स्थानीय श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सहारा मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण जल संरक्षण के साथ-साथ रोजगार सृजन का भी माध्यम है। रसेड़ा में चल रहा नवीन तालाब निर्माण कार्य इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है। निर्माण कार्य का निरीक्षण और ऐप के माध्यम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया कार्यस्थल की गतिविधियों की निगरानी में सहायक है। तालाब का निर्माण पूर्ण होने पर यह क्षेत्र में जल संचयन, कृषि संबंधी आवश्यकताओं और ग्रामीण विकास के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। ग्राम पंचायत अर्जुनी में विकसित भारत जी राम जी के तहत निर्माणाधीन बालिका शौचालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की स्थिति एवं प्रगति का जायजा लिया। निर्माणाधीन बालिका शौचालय का उद्देश्य बालिकाओं को स्वच्छ एवं सुविधाजनक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

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