मतदाता सूची पुनरीक्षण-2027 की तैयारियों को लेकर राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित

सुकमा, 26 अक्टुबर 2026/sns/- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2027 की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में आज जिला मुख्यालय सुकमा में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शबाब खान ने की। बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2027 के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियों, मतदाता सूची के अद्यतन, मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण तथा दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों को पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत निर्धारित समय-सीमा से अवगत कराते हुए मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करने की अपील की गई।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण 02 नवंबर 2026 तक किया जाएगा तथा एकीकृत मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को होगा। प्रारंभिक प्रकाशन के पश्चात 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम विलोपन तथा प्रविष्टियों में संशोधन के लिए दावा-आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेंगी। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 04 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शबाब खान ने पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने तथा मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच कर आवश्यक त्रुटियों का सुधार कराने पर जोर दिया। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान सहयोग करने तथा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और आवश्यक संशोधन कराने के लिए जागरूक करने की अपील की।
पात्र नागरिक अपने संबंधित मतदान केंद्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा सभी पात्र नागरिकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा में मतदाता सूची में अपना नाम एवं अन्य विवरण जांच लें तथा आवश्यकतानुसार नाम जुड़वाने या संशोधन के लिए आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे।

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