धान खरीदी 2026-27 में बायोमेट्रिक सत्यापन और टोकन की निर्धारित लिमिट से होगी खरीदी
कवर्धा, 27 अक्टूबर 2026/sns/- खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष खरीदी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत धान विक्रय के समय किसान अथवा उनके द्वारा अधिकृत नामिनी का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही टोकन जारी करते समय ही किसान को निर्धारित पात्रता के अनुसार धान विक्रय की मात्रा दर्ज करनी होगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, अनियमितताओं पर रोक लगाना तथा वास्तविक किसानों को सुविधा प्रदान करना है।
नई व्यवस्था के तहत धान विक्रय के समय किसान अथवा उनके द्वारा अधिकृत नामिनी के अंगूठे, आंख या चेहरे के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। पूर्व में बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होने की स्थिति में किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी करने का विकल्प उपलब्ध था। नई व्यवस्था में किसान के मोबाइल पर ओटीपी भेजकर सीधे धान खरीदी करने की सामान्य व्यवस्था समाप्त की जा रही है। यदि बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह विफल हो जाती है, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकृत अधिकारी के मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होने तथा आवश्यक पुष्टि के बाद ही धान खरीदी की जा सकेगी। इससे किसान की पहचान का सत्यापन सुनिश्चित करने और खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
टोकन जारी करते समय ही तय करनी होगी धान विक्रय की मात्रा
इस वर्ष किसानों को टोकन कटवाते समय ही प्रत्येक टोकन के माध्यम से बेचे जाने वाले धान की मात्रा निर्धारित करनी होगी। किसान की पंजीकृत भूमि एवं निर्धारित पात्रता के अनुसार टोकन जारी किए जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दो एकड़ तक के रकबे वाले किसानों को एक टोकन, दो से दस एकड़ तक के रकबे वाले किसानों को दो टोकन तथा दस एकड़ से अधिक रकबे वाले किसानों को तीन टोकन दिए जाने का प्रावधान बताया गया है। नई व्यवस्था के अंतर्गत एक से अधिक टोकन होने पर प्रत्येक टोकन में धान विक्रय की मात्रा पहले से निर्धारित करनी होगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी किसान की कुल पात्रता 200 क्विंटल है और उसे दो टोकन जारी किए जाते हैं, तो प्रत्येक टोकन में 100-100 क्विंटल धान विक्रय की सीमा निर्धारित करनी होगी। यदि किसान पहले टोकन में केवल 80 क्विंटल धान बेचता है, तो शेष 20 क्विंटल को दूसरे टोकन की निर्धारित 100 क्विंटल की सीमा में स्वतः जोड़कर 120 क्विंटल बेचने की अनुमति नहीं होगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन की सुविधा
धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है। इसके तहत 70 प्रतिशत टोकन ऑनलाइन तथा 30 प्रतिशत टोकन ऑफलाइन माध्यम से जारी किए जाने का प्रावधान बताया गया है। इससे किसानों को टोकन प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी और खरीदी केंद्रों में व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पारदर्शी धान खरीदी और वास्तविक किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर
नई व्यवस्था के माध्यम से धान खरीदी में किसान की पहचान का सत्यापन, टोकन के अनुसार निर्धारित मात्रा में धान विक्रय तथा प्रक्रिया की निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे बिचैलियों की भूमिका पर अंकुश लगाने और वास्तविक किसानों के हितों की सुरक्षा में सहायता मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग द्वारा धान खरीदी से जुड़ी व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएंगी। किसानों से अपील है कि वे धान विक्रय से पहले अपने पंजीयन, निर्धारित पात्रता, अधिकृत नामिनी तथा टोकन संबंधी जानकारी की पुष्टि संबंधित समिति से कर लें, ताकि खरीदी के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।