सांसद ने बिहान दीदियों से जाना आजीविका का सफर, राज्योत्सव
सारंगढ, 3 नवंबर 2026/sns/- जिला स्तरीय राज्योत्सव में मुख्य अतिथि सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने बिहान बाजार में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे संवाद किया और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जाना। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समूह के माध्यम से उन्हें अपने उत्पाद तैयार करने और बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिला है। सांसद ने उनके कार्यों और उत्पादों की सराहना की। राज्योत्सव में 15 स्व-सहायता समूहों ने एक दिन में कुल 1 लाख 3 हजार रुपये की बिक्री की।
सांसद श्री राठिया ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ विभागीय प्रदर्शनी के चारों स्टॉलों का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में लगाए गए इन स्टॉलों में ग्रामीण आवास, स्वच्छता, आजीविका और जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई। सांसद ने महिलाओं से उनके उत्पादों, समूह के कामकाज और मिशन से जुड़ने के बाद मिले अवसरों पर चर्चा की। बिहान दीदियों ने समूह के साथ काम करने और अपने उत्पादों की बिक्री के अनुभव जनप्रतिनिधियों के साथ साझा किए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के स्टॉल पर मॉडल आवास की झांकी के माध्यम से योजना की जानकारी दी गई। सांसद श्री राठिया ने पूर्ण हो चुके आवासों के हितग्राहियों को सांकेतिक चाबी और प्रमाणपत्र प्रदान किए। स्टॉल पर कंप्यूटर सिस्टम के जरिए ग्रामीणों को आवास की वर्तमान स्थिति, किस्तों के विवरण और नवीन सर्वे सूची में नाम की जानकारी लेने की सुविधा मिली। ऑपरेटरों ने ऑनलाइन रिकॉर्ड देखकर मौके पर ही लोगों के प्रश्नों का समाधान किया।
बिहान पंडाल में 15 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। घरेलू उपयोग की वस्तुओं और घरों की सजावट के सामान से लेकर साड़ियों, हस्तनिर्मित कपड़ों और सौंदर्य प्रसाधनों तक कई तरह की सामग्री यहां उपलब्ध रही। दीपावली के अवसर पर पूजन सामग्री, दीया-बाती और अगरबत्ती भी बिक्री के लिए रखी गई। शुद्ध देशी घी, अचार और स्थानीय स्वाद वाले व्यंजनों ने भी ग्राहकों को आकर्षित किया। महिलाओं ने अपने उत्पादों की जानकारी देते हुए आगंतुकों को उनकी विशेषताओं से परिचित कराया।
बिहान बाजार और कैंटीन में दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। लोगों ने घरेलू जरूरतों और सजावट की सामग्री के साथ महिलाओं द्वारा तैयार खाद्य सामग्री और स्थानीय व्यंजनों की खरीदारी की। इस प्रतिसाद से समूहों ने कुल 1 लाख 3 हजार रुपये की बिक्री दर्ज की। राज्योत्सव में एक ही दिन में हुई इस बिक्री ने समूहों के उत्पादों की विविधता और स्थानीय बाजार में उनकी पहुंच को प्रदर्शित किया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के स्टॉल पर एफएसटीपी और आदर्श ग्राम कोतरी का मॉडल प्रदर्शित किया गया। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की चार श्रेणियों को वास्तविक कचरे के उदाहरणों के साथ समझाया गया। वहीं, वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत सोखता गड्ढे का कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से बताया गया कि घरों से निकलने वाले व्यर्थ पानी को जमीन में पहुंचाकर भूजल पुनर्भरण में उपयोग किया जा सकता है।
विभाग की ओर से शासन की योजनाओं की जानकारी वाले पैम्फलेट भी वितरित किए गए। सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के स्टॉल भ्रमण, बिहान समूहों की महिलाओं से संवाद, आवास हितग्राहियों को सांकेतिक चाबी और प्रमाणपत्र वितरण तथा योजनाओं के प्रदर्शन ने राज्योत्सव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी को विशेष पहचान दी।