जब हम मिट्टी में मिल रहे हो तो ये मिट्टी भी रोये इस धरती की – सुश्री रुबिका लियाकत

रायपुर साहित्य उत्सव में वरिष्ठ पत्रकार सुश्री रुबिका लियाकत हुईं शामिल

       रायपुर 24 जनवरी 2026/sns/- रायपुर साहित्य उत्सव के दूसरे दिन अभिनव नीरव मंडल के प्रथम सत्र में विचारोत्तेजक संवाद और सारगर्भित विमर्श हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में आईं वरिष्ठ पत्रकार रुबिका लियाकत एवं छत्तीसगढ़ साहित्य मंडल के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा के मध्य रोचक परिचर्चा सम्पन्न हुई।
      अपने संबोधन में सुश्री लियाकत ने राष्ट्रवाद पर संबोधित कहा कि जब हम मिट्टी में मिल रहे हों, तो यह मिट्टी भी रोए इस धरती की। उन्होंने पत्रकारिता के 18 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को आगाह किया कि सोशल मीडिया पर आए 30 सेकंड के वीडियो पर आँख मूँदकर भरोसा न करें, बल्कि तथ्यों की स्वयं पड़ताल करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे किसी व्यक्ति या विचारधारा के लिए नहीं, बल्कि सत्य और अच्छाई के लिए कार्य करती हैं और उनकी प्रतिबद्धता भारत के प्रति है।

         इतिहास और सामाजिक समरसता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी के दंगों के समय किए गए मानवीय कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा स्वभावतः सेक्युलर है और भारतीयता उसी समझ से विकसित होती है। निजी प्रसंग साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी दादी सनातन परंपराओं का पालन भी करती थीं, पाँच वक्त नमाज़ भी पढ़ती थीं और सबका आदर करती थीं, यह भारत की साझा संस्कृति का उदाहरण है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *