सुशासन तिहार के दौरान फील्ड में रहकर किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें-कलेक्टर
कोरबा, 08 मई,2026/sns/- आज कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। उन्होंने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों तथा संबंधित सभी मैदानी अमले को आगामी खरीफ मौसम एवं सुशासन तिहार के संदर्भ में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी सुशासन तिहार के दौरान अनिवार्य रूप से फील्ड में रहेंगे और किसानों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अनुपस्थिति की स्थिति में कड़ी कार्यवाही की जाएगी। खरीफ मौसम की तैयारियों को देखते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों की जानकारी और किसान आईडी निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि विकासखंडवार लक्ष्य के अनुरूप किसान आईडी बनाने का कार्य तेज किया जाए तथा पिछली समीक्षा बैठक के बाद हुई प्रगति का तुलनात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। लंबित मामलों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को ग्रामवार एवं सर्कलवार अद्यतन जानकारी तैयार रखने और समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। एग्रीस्टेक पोर्टल में आने वाली तकनीकी विसंगतियों का विस्तृत विवरण या स्क्रीनशॉट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पटवारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को गाँववार सूची तैयार करने और छूटे हुए किसानों से व्यक्तिगत संपर्क कर ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और लैंड सीडिंग का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी किस्त डीबीटी के माध्यम से केवल उन्हीं कृषकों को मिलेगी जिनका किसान आईडी, लैंड सीडिंग, आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी पूर्ण है, अतः इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
खरीफ 2026 हेतु बीज एवं उर्वरक प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की उपलब्धता, भंडारण, अंकुरण परीक्षण, समिति स्तर पर वितरण और बीज निगम की स्थिति की जानकारी ली। उर्वरक प्रबंधन में यूरिया, डीएपी, एनपीके एवं पोटाश के भंडारण, रैक प्वाइंट से परिवहन व्यवस्था, वितरण गति तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि वर्षा में देरी की स्थिति में वैकल्पिक बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए दैचा-सनई के बीज वितरण, हरी खाद प्रोत्साहन, ब्लू-ग्रीन एल्गी उत्पादन तथा उद्यानिकी एवं केव्हीके में उत्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
किसानों के लिए ऋण सुविधा एवं केसीसी सैचुरेशन पर जोर देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नए पात्र किसानों को वस्तु ऋण और केसीसी से जोड़ा जाए। उन्होंने कोऑपरेटिव बैंक, सीसीबी नोडल अधिकारी और ग्रामीण बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सभी किसानों के केसीसी आवेदन प्राप्त कर समितियों में भेजने की प्रक्रिया को तेज करने पर बल दिया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद और बीज के भंडारण का भौतिक सत्यापन करें, पाॅस मशीन के माध्यम से ही संपूर्ण वितरण सुनिश्चित करें, तथा उर्वरक की कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए उड़नदस्ता दल को सक्रिय रखें।
जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने हेतु धान-प्रधान क्षेत्रों में दलहन व तिलहन के क्लस्टर विकसित करने, एमएनईओ एण्ड ओएस, एनएफएसएम और पीएम एण्ड आरकेव्हीवाई योजनाओं के अंतर्गत विविधीकरण लक्ष्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर संतुलित एवं वैकल्पिक उर्वरकों-जैसे एनपीके, एसएसपी, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, जैव उर्वरक तथा हरित खाद को बढ़ावा देने के निर्देष दिए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आगामी खरीफ 2026 में ग्रामवार किसानों का चयन कर हरी खाद वाली फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएं और खरीफ 2027 के लिए जिले में 100 प्रतिशत बीज उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने 10 वर्ष के भीतर विकसित उन्नत किस्मों को बीज उत्पादन एवं वितरण में शामिल करने और वन डिस्ट्रिक्ट वन एरोमेटिक राइस वेरायटी के आधार पर निर्यात-योग्य सुगंधित धान का रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए।
पीएम आशा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को जोड़कर उपार्जन सुनिश्चित करने तथा अगले वर्ष हेतु किसानों को अभी से प्रेरित करने के भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कतार बोनी, रोपाई, डायरेक्ट सीडेड राइस, यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक सहित उन्नत कृषि पद्धतियों को गांव-स्तर पर बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया तथा खाद के भंडारण एवं वितरण पर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।