निःशुल्क उत्कृष्ट शिक्षा का सुनहरा मौका मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के लिए आवेदन शुरू

जगदलपुर, 20 मई 2026/sns/- राज्य शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा ग्रामीण अंचल के होनहार बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए एक सराहनीय पहल के अंतर्गत मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (सत्र 2026-27) के तहत कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान छात्रों को देश के प्रतिष्ठित निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना है। योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें चयनित होने वाले बच्चों को कक्षा 12वीं तक की शिक्षा निःशुल्क दी जाती है और उनके शिक्षण का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए विभाग ने मापदंड तय किए हैं, जिनके तहत केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासी छात्र ही आवेदन के पात्र होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थी का अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग से होना अनिवार्य है, जिसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ की किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था में कक्षा 5वीं में नियमित रूप से अध्ययनरत होना चाहिए और उसने अपनी कक्षा 4वीं की परीक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत से अधिक अंक या उसके समकक्ष ग्रेड हासिल किया हो। यह योजना पूरी तरह से ग्रामीण परिवेश के बच्चों पर केंद्रित है, इसलिए केवल ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर पंचायत क्षेत्र के स्कूलों से कक्षा 4वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्र ही आवेदन कर सकेंगे, जबकि नगर पालिका या नगर निगम क्षेत्र के छात्र इसके दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा पालक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के लिए एक राज्य स्तरीय लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा रविवार 26 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित की जाएगी। दो घंटे की इस परीक्षा में कक्षा 5वीं के स्तर के विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, हिन्दी और पर्यावरण विषयों से जुड़े कुल 100 वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें प्रत्येक विषय से 20-20 अंकों के प्रश्न शामिल होंगे। परीक्षा में प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका एक ही स्वरूप में होगी, जिसे हल करने के बाद छात्रों को परीक्षक को सौंपना होगा। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उन्हें अपने साथ परीक्षा केंद्र पर लिखने के लिए पैड (एग्जाम बोर्ड) स्वयं लेकर आना होगा।

इस पूरी चयन प्रक्रिया के लिए विभाग ने समय-सीमा निर्धारित कर दी है। इच्छुक और पात्र विद्यार्थी निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन पत्र 20 जून की शाम 5 बजे तक अपने संबंधित विद्यालय में जमा कर सकते हैं। इसके बाद स्कूल प्रमुखों द्वारा आवेदनों की बारीकी से जांच कर उन्हें 27 जून तक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजा जाएगा। बीईओ कार्यालय सभी पात्र आवेदनों की सूची तैयार कर 30 जून तक आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय में जमा कराएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अपूर्ण आवेदन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। साथ ही सभी स्कूलों के प्रधान पाठकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे पूरी संवेदनशीलता के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक प्रतिभावान बच्चों को इस परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें और आवेदन फॉर्म भरने में उनकी हरसंभव मदद करें।

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