जनशिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में बड़ा कदम

बीजापुर, 29 मई 2026/sns/- शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित आमजन की शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विकसित ‘‘सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली’’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला मुख्यालय बीजापुर में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर श्री विश्वदीप एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। वहीं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन जोड़ा गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को शिकायत प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली, समयबद्ध निराकरण और तकनीकी मॉनिटरिंग व्यवस्था से अवगत कराना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुशासन आधारित व्यवस्था के तहत एक मजबूत, जवाबदेह और प्रतिक्रिया आधारित फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और पारदर्शी निराकरण संभव हो सके।

उन्होंने कहा कि ‘‘नागरिक प्रथम’’ की भावना से संचालित यह अभिनव पहल शासन और आम जनता के बीच संवाद को और मजबूत बनाएगी। इससे लोगों को अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी तथा प्रशासनिक सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों से प्रशिक्षण के दौरान बताए जा रहे बिंदुओं को गंभीरता से समझने और मैदानी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य स्तर से गठित अधिकारियों के प्रशिक्षण दल के प्रमुख एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सलाहकार श्री आरके शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन के प्रावधानों, संचालन प्रणाली तथा शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि शिकायतों के निपटारे में तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता दोनों आवश्यक हैं, ताकि नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।

आईटी मैनेजर श्री सौरभ श्रीकांत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप तथा व्हाट्सएप जैसे आधुनिक मल्टी चौनल माध्यमों से 24×7 अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की पूरी स्थिति ऑनलाइन देख सकेगा।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता यह भी जान सकेगा कि उसकी शिकायत किस विभाग में लंबित है, किस अधिकारी के पास प्रकरण विचाराधीन है तथा समाधान में कितना समय लग सकता है। शिकायत दर्ज होते ही मामला संबंधित विभाग और अधिकारी तक तत्काल पहुंच जाएगा। पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिससे प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना समाप्त होगी।

प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि नागरिकों का फीडबैक इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होगा। शिकायत के निराकरण के बाद संबंधित नागरिक से संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है तो शिकायत स्वतः पुनः सक्रिय हो जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में  अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम सिंह पंचारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी गण उपस्थित थे वहीं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी गण विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़े रहे। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली को जनहित में प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।

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