राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान सशक्त पंचायतें समृद्ध गांव
मुंगेली, 03 जून 2026/sns/- ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और पंचायती राज संस्थाओं को अधिक सशक्त एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान अंतर्गत जिला पंचायत सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय के दिशा-निर्देशों एवं उप संचालक पंचायत श्री एल.के. कौशिक के मार्गदर्शन में जिला पंचायत संसाधन केंद्र में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को साक्ष्य आधारित शासन, पंचायत उन्नति सूचकांक तथा ग्रामीण विकास की आधुनिक कार्यप्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में पंचायत उन्नति सूचकांक के विभिन्न मानकों पर विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि इस सूचकांक के माध्यम से पंचायतों के विकास कार्यों, सेवाओं की गुणवत्ता और जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सकता है। इससे पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिलेगा और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। कार्यक्रम में साक्ष्य आधारित शासन प्रणाली की महत्ता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि विकास योजनाओं को आंकड़ों, वास्तविक जरूरतों और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर तैयार करने से योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्यों को वित्तीय प्रबंधन, स्थानीय स्वशासन, जनभागीदारी, पंचायत प्रशासन की दक्षता तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समापन सत्र में उप संचालक पंचायत श्री कौशिक ने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान और अनुभव को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करें तथा पंचायतों को विकास, पारदर्शिता और सुशासन का मॉडल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें ही आत्मनिर्भर और विकसित ग्रामीण भारत की आधारशिला हैं। प्रशिक्षण में जिला पंचायत के सदस्यगण, विभागीय अधिकारी, संसाधन केंद्र के प्रशिक्षक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।