औषधि पौधों की खेती चुनना समृधि की राह – *श्री विकास मरकाम,औषधि पौधों की खेती के लिए शासन/बोर्ड किसानो की हर संभव मदद करेगा- श्री अंजय शुक्ला
औषधि पौधों की खेती चुनना समृधि की राह – *श्री विकास मरकाम* , औषधि पौधों की खेती के लिए शासन/बोर्ड किसानो की हर संभव मदद करेगा- *श्री अंजय शुक्ला* ।आज 03 जून को छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड (छत्तीसगढ़ शासन] वन विभाग) द्वारा सजीव वच विदोहन प्रशिक्षण धमतरी ग्राम राउतमुड़ा में आयोजित किया गया । जिसमें धमतरी और आदिवासी अंचल नारायणपुर (अबूझमाड़) के ग्रामीण क्षेत्रों से किसानो आमत्रित किया गया । कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने किसानो से चर्चा करते हुए किसान से कहा कि वे औषधि पौधों की खेती कर बोर्ड के माध्यम से शासन की योजनाओ का लाभ लेकर समृधि की राह चुने । इस मौके पर बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने किसानो से कहा की बोर्ड औषधि पौधों की खेती के लिए किसानो की हर संभव मदद करेगा । सजीव वच विदोहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम एवं उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला के स्वागत से किया गया । इस दौरान श्री फकीरराम कोसरिया जी ने धमतरी जिले बोर्ड द्द्वारा किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी । तत्पश्चात बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस.राव ने बताया की बोर्ड पैडी डायवर्सन मॉडल अंतर्गत किसानों को धान की पारंपरिक खेती में हो रहे नुकसान को लाभ में बदलने के लिए ‘वच’ की खेती एक उत्तम विकल्प है जिसमे कुल लागत मात्र 20,000 रुपये तक आती है, और 1 साल में किसानों को एक एकड़ से लगभग एक लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो सकती है ।वच के खेत में सजीव वच विदोहन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमे वच की जड़ को खेतों से हार्वेस्ट करने के लिए ट्रेक्टर के माध्यम से आडी-तिरछी जुताई की गई, जिससे समस्त वच की जडे मिटटी से बाहर आ गई, बाहर निकली हुई जड़ो से मिटटी को अच्छी तरह झाड़कर छायादार स्थान पर एकत्र किया गया, तत्पश्चात तेज धार वाले गड़ासे से मुख्य जड़ से लगी हुई अतिरिक्त जड़ो को अलग कर दिया गया, और इसके पश्चात् मुख्य जड़ को 2 से 3 इंच के छोटे छोटे टुकडो में काटकर एकत्रित कर दिया गया इन जड़ो को तेज धूप में अच्छी तरह सुखाने के पश्चात् बिक्री हेतु बोरो भरकर भेजा जाएगा ।कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस.राव, श्री डी.के. एस.चौहान (सलाहकार- औषधि पौधों की खेती), श्री फकीरराम कोसरिया (को–ऑर्डिनेटर – धमतरी) उपस्थित रहे । कार्यक्रम में धमतरी के ग्राम राउतमुड़ा और आस पास के ग्रामो तथा नारायणपुर के ग्राम कोहाकमेटा, किल्काड से लगभग 50 किसानो द्वारा भागीदारी की गई ।कार्यक्रम के उपरांत बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने धमतरी के ग्राम पोतियाडीह में माँ गायत्री स्व सहायता समूह द्वारा 2 एकड़ की जा रही खस की खेती का भी निरीक्षण किया । चर्चा के दौरान समूह की महिलाओ ने बताया की आने वाले सप्ताह में खस की जड़ो का हार्वेस्टिंग किया जाएगा जिससे उन्हें लगभग एक लाख रुपये की आमदनी होगी ।