मनरेगा के डबरी से बंजर भूमि हुई सिंचित वनांचल के किसान की बढ़ी आमदनी

बलौदाबाजार, 10 जून 2026/sns/- मनरेगा से लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के साथ ही स्थायी परिसम्पत्ति का निर्माण भी हो रहा है। मनरेगा के तहत निर्मित डबरी के पानी का उपयोग फसल सिंचाई में होने से बंजर भूमि में फसल की बेहतर पैदावार और उत्पादन में वृद्धि हुई जिससे किसान की आमदनी भी बढ़ी। आस -पास के क्षेत्र में वाटर रिचार्ज भी हुआ।

विकासखंड कसडोल के दूरस्थ ग्राम पंचायत मुढीपार के आश्रित ग्राम भोथाही में अधिकांश जनजाति परिवार रहते है।यहां के लोग मुख्य रूप से वनोपज, कृषि एवं मनरेगा मजदूरी पर निर्भर रहते है। इसी गांव की अनुसूचित जनजाति परिवार की हितग्राही सवित्री धर्नुहार ने अपने वन अधिकार पट्टा जमीन पर वर्ष 2025 में मनरेगा से डबरी निर्माण कराया है। डबरी निर्माण होने से लगभग 3 एकड़ भूमि सिंचाई हो रही है। सवित्री धर्नुहार के कृषि भूमि के आसपास कृषक मनी राम, नेहरू, लक्षण के खेतों का डबरी के माध्यम से संचिाई हो रहा है। खरीफ के समय पहले इनके खेतों का फसल लेने में पानी के अभाव में फसल तैयार करने में दिक्कत होती थी, डबरी बन जाने से खेतों के लिये पर्याप्त मात्रा में पानी मिल रहा है। डबरी निर्माण से सवित्री धुर्नहार की आय में वृद्धि हुई है।

हितग्राही सवित्री धर्नुहर ने बताया कि ग्राम पंचायत मुढ़ीपार के ग्रामसभा में अपने वन पट्टा प्राप्त भूमि में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार के माध्यम से डबरी निर्माण की मांग रखी। इस पर ग्राम पंचायत के द्वारा जनपद पंचायत कसडोल में कार्य स्वीकृति हेतु तकनीकी सहायक के मार्गदर्शन में डबरी निर्माण का पंचायत प्रस्ताव, नक्शा, खसरा एवं आवश्यक दस्तावेज जमा किया गया। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्ति उपरांत कार्य प्रारंभ कराया गया।वन अधिकार पट्टा मिलने से शासन की कई योजना का लाभ मिल रहा है।

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