मराईगुड़ा में महिलाओं को मिली लाखों की आर्थिक मदद आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं महिलाएं
सुकमा, 14 जून 2026/sns/-मुख्यमंत्री के सुशासन संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सुकमा जिले के मरईगुड़ा वन क्षेत्र में शुक्रवार को एक विशाल क्लस्टर स्तरीय “सुशासन तिहार“ शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के कुशल निर्देशन में आयोजित इस शिविर में कुल 9 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। जिला प्रशासन की इस संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एसडीएम श्री सुभाष शुक्ला, जनपद सीईओ श्री सुमित ध्रुव सहित विकासखंड स्तर के तमाम आला अधिकारी खुद ग्रामीणों के बीच पहुंचे और विभिन्न विभागों से जुड़े आवेदनों व जनसमस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण कर जनता को बड़ी राहत दी। इस दौरान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई गई, जिससे प्रशासन के प्रति आम जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।
शिविर में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा की एक बेहद सुंदर तस्वीर भी देखने को मिली। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरी आत्मीयता के साथ गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया, जिसने इस प्रशासनिक आयोजन को एक उत्सव का रूप दे दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनपद अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी, विभिन्न पंचायतों के सरपंचों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने प्रशासनिक टीम और ग्रामीणों के बीच के समन्वय को और प्रगाढ़ किया।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस सुशासन शिविर में स्व-सहायता समूहों पर धनवर्षा हुई। जनपद अध्यक्ष और अनुविभागीय अधिकारी (कोंटा) द्वारा श्बिहानश् योजना के तहत दीदियों को स्वरोजगार व आजीविका संवर्धन के लिए कुल 5 लाख 85 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए। इसमें सामुदायिक निवेश निधि के अंतर्गत आदिवासी, विकास, सम्मका और कमलफूल समूह को 2.40 लाख रुपये, जबकि वंदना, सेमन्ति और सूरज समूह को 45 हजार रुपये की चक्रिय निधि प्रदान की गई। इसके साथ ही, गंगलेर के कमल फूल समूह को 3.00 लाख रुपये की बैंक लिंकेज राशि का चेक सौंपकर उन्हें उद्यमशीलता की नई राह दिखाई गई, जो क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा।