जेल में निरूद्ध की आयु के सत्यापन के लिए किया गया जिला जेल का निरीक्षण
बलौदाबाजार, 22 जून 2026/sns/- सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुक्रम में आयु सबंधित दस्तावेज के अभाव मे 18 वर्ष से कम आयु के बालकों के निरूद्ध रहने की संभावना एवं प्रकरणों को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक त्रैमास में जेलों का निरीक्षण विषेषज्ञ समिति के सदस्यों के द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 के पथम त्रैमास हेतु कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्षन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार के नेतृत्व में सोमवार को जिला जेल बलौदाबाजार का निरीक्षण किया गया।
विषेषज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा जेल में निरूद्ध 430 बंदियों में से प्रथम दृष्टया में 18 वर्ष से कम आयु के लग रहे बालकों से बैरको में जाकर बातचीत की गई जिसमे से एक निरूद्ध ने अपनी जन्मतिथि 09.10.2008 एवं जेल में दो माह से निरूद्ध होने की जानकारी प्रदान की । समिति ने संबंधित मामलों में जन्मतिथि का सत्यापन कर बालक के प्रकरण को किषोर न्याय बोर्ड मे स्थानांतरित किए जाने हेतु आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही बच्चों के संरक्षण एवं उनके हितों की रक्षा के लिए आगे की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की बात कही गई।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक अभिषेक मिश्रा ने जिला जेल बलौदाबाजार में बंदियों के लिए प्रारंभ किए गए नवाचार की जानकारी प्रदान की। निरीक्षण दल में किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य प्रवीण अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रकाश दास महंत एवं विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी मेघा शर्मा शामिल रहे।