अवैध सागौन एवं साल परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहनों के राजसात करने की प्रक्रिया शुरू

अम्बिकापुर, 29 जुलाई 2026/sns/-   सरगुजा वनमण्डल अम्बिकापुर के वन परिक्षेत्र अम्बिकापुर के अन्तर्गत पुलिस थाना कोतवाली द्वारा राष्ट्रीयकृत वनोपज सागौन लट्ठा 14 नग 2.023 घ.मी. के अवैध तरीके से परिवहन में लिप्त पाये जाने के फलस्वरूप जप्ती उपरांत सुपुर्द में दिये गये वाहन पिकप जिसे वन विभाग द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52, एवं छत्तीसगढ़ वनोपज नियम 2001 की धारा 41 नियम 3 के अन्तर्गत वन अपराध प्रकरण  दर्ज कर जप्ती की कार्यवाही की गई है। जप्त वाहन पिकअप जिसमें वाहन क्रमांक JH 07 C-0288 अंकित है, जो फर्जी है। साथ ही वाहन का चेचिस नम्बर को पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त किया गया है, जिसका वाहन स्वामी अज्ञात है। वाहन स्वामी अज्ञात होने के कारण प्रस्तुतकर्ता अधिकारी वन परिक्षेत्राधिकारी अम्बिकापुर द्वारा पत्र के माध्यम से जप्त वाहन को वनोपज शासन के पक्ष में राजसात किये जाने हेतु अनुशंसा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।

इसी प्रकार  वन परिक्षेत्र अन्तर्गत मुखबीर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन कर्मचारियों द्वारा 08 दिसम्बर 2024 को मे.रामप्रसाद अग्रवाल आरा मिल के गेट के सामने बगैर नम्बर प्लेट के राष्ट्रीकृत वनोपज साल लट्ठा (कच्चा) 5 नग = 2.000 घ.मी. लोड कर खड़ी थी। जिसके परिवहन के संबंध में वाहन को चेक किया गया, वाहन में कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं था। जिससे वनकर्मचारियों द्वारा मौके पर कोई वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण प्रथम दृष्टिया काष्ठ के अवैध होने एवं काष्ठ के अवैध परिवहन होने की दशा में वाहन की जप्ती कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33 (1) क, धारा 42 नियम 3 धारा 5 (1) के अन्तर्गत निहित प्रावधानों के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर वाहन वनोपज काष्ठागार अम्बिकापुर में सुरक्षित रखा गया है। जप्त वाहन पिकअप के इंजन नम्बर एवं चेचिस नम्बर को पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त किया गया है, जिससे कारण वाहन के स्वामी अज्ञात हैं। वाहन स्वामी अज्ञात होने के कारण प्रस्तुतकर्ता अधिकारी वन परिक्षेत्राधिकारी अम्बिकापुर द्वारा पत्र के माध्यम से जप्त वाहन को वनोपज शासन के पक्ष में राजसात किये जाने हेतु अनुशंसा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।

प्रकरण में जप्त वाहनों के वाहन स्वामी के नाम पते कि पुष्टि नहीं होने के कारण प्रकरण में प्राधिकृत अधिकारी द्वारा वाहन स्वामी को कोई वैधानिक सूचना पत्र प्रेषित नहीं किया जा सका है, दोनों प्रकरणों में आगामी कार्यवाही किया जाना है। जप्त वाहन में किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था का हित निहित हो, तो वाहन के स्वामित्व संबंधी समस्त वैध दस्तावेजों के साथ 30 दिवस के भीतर कार्यालयीन दिवस/समय में प्राधिकृत अधिकारी एवं उप वनमण्डलाधिकारी अम्बिकापुर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित अवधि के पश्चात कोई दावा मान्य नहीं होगा एवं उक्त जप्त वाहन को शासन के पक्ष में राजसात कर दिया जाएगा।

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