कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम में शामिल हुए

 जांजगीर-चांपा, 05 अगस्त 2026/sns/- कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं अंतर्गत आयोजित कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों, विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास तथा भविष्य की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर श्री महोबे ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम बालिकाओं को सही दिशा, उचित मार्गदर्शन तथा अपने भविष्य के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी छात्राएं पूरे उत्साह के साथ काउंसलिंग में भाग लें और विशेषज्ञों से अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के बिना समाज की कल्पना अधूरी है तथा उनके सशक्तिकरण से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।
 कलेक्टर ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना आवश्यक है। अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य के अनुरूप विषय एवं कैरियर का चयन करें। उन्होंने छात्राओं से कहा कि मजबूत बुनियादी शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यदि भाषा, गणित और सीखने की क्षमता मजबूत होगी तो किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में बालिकाओं का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है, इसलिए उन्हें अपने भविष्य को लेकर किसी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए। जो लक्ष्य प्राप्त करना चाहती हैं, उसे लिखें और उसे पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास करें।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि गणित, विज्ञान, कॉमर्स, कला सहित सभी विषय समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। छात्राएं स्वयं का आकलन करें कि उनकी रुचि और क्षमता किस क्षेत्र में है तथा उसी के अनुरूप अपने कैरियर का चयन करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल सरकारी नौकरी ही नहीं, बल्कि व्यवसाय, विधि (लॉ), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा अनेक उभरते क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ कम से कम एक कौशल अवश्य विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और बदलते समय में यह सफलता की नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रकार के कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम केवल जिला स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि इन्हें विकासखंड स्तर पर भी नियमित रूप से आयोजित किया जाए, ताकि जिले की अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल, मास्टर काउंसलर श्री संदीप सिंह, सुश्री अंकिता तिवारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह जायसवाल, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।

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