जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न

सुकमा, 05 अगस्त 2026/sns/- जिला प्रशासन बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, कुपोषण-मुक्त जीवन और उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री अमित कुमार की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मंगलवार को जिला टास्क फोर्स की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में आगामी 10 अगस्त को आयोजित होने वाले “राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस“ की रूपरेखा तय की गई। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने जिले के 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए 400 मिग्रा एलबेंडाजॉल दवा का शत-प्रतिशत सेवन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन की इस व्यापक कार्ययोजना के तहत जिले के कुल 93 हजार 884 बालक-बालिकाओं को कवर करने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय व निजी विद्यालयों, अनुदान प्राप्त शालाओं, केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों, मदरसों, पोटाकेबिनों, आश्रमों, महाविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा इस स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे। जो बच्चे किसी कारणवश 10 अगस्त को दवा लेने से छूट जाएंगे, उनके लिए 17 अगस्त को विशेष मॉप-अप दिवस आयोजित कर दवा का सेवन कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच एक मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय की मिसाल पेश करते हुए इस अभियान को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि एलबेंडाजॉल दवा के सेवन से बच्चों में एनीमिया की रोकथाम होगी, उनके पोषण व बौद्धिक विकास के स्तर में सुधार होगा तथा शाला में उनकी उपस्थिति भी बढ़ेगी। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने जिले के सभी पालकों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे बच्चों के संपूर्ण विकास और समुदाय में कृमि संक्रमण चक्र को तोड़ने के लिए अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से यह दवा खिलवाएं।
प्रशासन की इस पहल से न केवल कृमि जनित बीमारियों पर लगाम लगेगी, बल्कि सुकमा के बच्चों को एक सेहतमंद और ऊर्जावान जीवन की सौगात भी मिलेगी। इसके साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा स्वच्छता की आदतोंकृजैसे हाथ धोना, फल-सब्जियां धोकर खाना और खुले में शौच न करनाकृके प्रति भी जन-जागरूकता फैलाई जा रही है। सुकमा जिला प्रशासन का यह एकीकृत और समर्पित प्रयास ज़िले के नौनिहालों के स्वस्थ, सशक्त और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होने जा रहा है।

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