दावनबोड़ में सामुदायिक मध्यस्थता एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
बलौदाबाजार,7 अगस्त 2026/sns/- उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय बिलासपुर द्वारा संचालित सामुदायिक मध्यस्थता पायलट परियोजना के अंतर्गत जिला- बलौदाबाजार-भाटापारा का चयन किया गया है। इस परियोजना के तहत जिले के चयनित ग्रामों में सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे सामाजिक व पारिवारिक विवादों का आपसी सहमति से त्वरित एवं सौहार्द्रपूर्ण समाधान करने की पहल की जा रही है।
इसी कड़ी में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार श्रीमती विनीता वार्नर के निर्देशानुसार विकासखंड भाटापारा के ग्राम दावनबोड़ में शुक्रवार को सामुदायिक मध्यस्थता एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के सचिव आलोक पाण्डेय ने शिविर में उपस्थित ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराध मुक्त, विवाद मुक्त एवं सौहार्दपूर्ण गांव का निर्माण प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से ही संभव है। सामुदायिक मध्यस्थता सामाजिक एकता, आपसी विश्वास एवं शांति स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी ग्रामवासियों से कानून का सम्मान करते हुए सामाजिक समरसता बनाए रखने तथा अपने गांव को अपराध एवं विवाद मुक्त बनाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में लगभग 80 से 100 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा सामुदायिक मध्यस्थता अभियान से जुड़कर अपने गांव को विवादमुक्त, अपराधमुक्त एवं सौहार्दपूर्ण बनाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग, भाईचारे एवं संवाद के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर शांतिपूर्ण समाधान करने की सहमति व्यक्त की।
शिविर के दौरान उपस्थित नागरिकों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, सामुदायिक मध्यस्थता, मध्यस्थता की प्रक्रिया तथा विभिन्न जनकल्याणकारी विधिक योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।
सामुदायिक मध्यस्थता पायलट परियोजना के अंतर्गत ग्राम दावनबोड़ से चयनित सामुदायिक मध्यस्थों विष्णु प्रसाद वर्मा एवं गीता वर्मा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा आयोजित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। प्रशिक्षण उपरांत उन्हें उच्च न्यायालय की ओर से प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।