जिले में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग एवं एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध आदेश

बीजापुर, 07 अगस्त 2026/sns/-छत्तीसगढ़ शासन एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा तथा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले उत्पादों पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्यभर में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग उत्पादों, विशेषकर एनालॉग पनीर, के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, विक्रय एवं खाद्य व्यंजनों में उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18 एवं धारा  30¼2½¼a½ के तहत प्रतिषेधात्मक आदेश जारी किया गया है।
जिले के सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रतिबंध उन सभी गैर-दुग्ध उत्पादों पर लागू होगा, जिनमें वास्तविक दुग्ध वसा के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया जाता है और जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद होने का आभास कराते हैं। हालांकि फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज एवं मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।
सभी डेयरी, होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, कैटरिंग संस्थान, ढाबे, फुटकर विक्रेता एवं स्ट्रीट फूड वेंडर्स को निर्देशित किया गया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में वास्तविक पनीर के स्थान पर एनालॉग पनीर अथवा अन्य अमानकीकृत डेयरी एनालॉग उत्पादों का विक्रय एवं खाद्य व्यंजनों में उपयोग तत्काल बंद करें।
यह आदेश 31 जुलाई 2026 से प्रभावी होकर एक वर्ष की अवधि, अथवा एफएसएसएआई ( FSSAI ) द्वारा अंतिम मानक अधिसूचित किए जाने या अगले आदेश तक लागू रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई खाद्य कारोबारी प्रतिबंधित डेयरी एनालॉग उत्पादों का निर्माण, भंडारण, विक्रय, वितरण अथवा व्यंजनों में उपयोग करते पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

About The Author