गांव-गांव पहुंचकर विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखी, गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्ती

सुकमा, 02 सितम्बर 2026/sns/- कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा श्री मुकुंद ठाकुर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सुकमा श्री सुमित ध्रुव ने जनपद पंचायत सुकमा की ग्राम पंचायत बड़े सट्टी, केरलापाल एवं फूलबगड़ी तथा जनपद पंचायत कोंटा की ग्राम पंचायत मिसमा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं VB-GRAM-G के तहत संचालित और निर्माणाधीन कार्यों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति, निर्माण गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित मैदानी अमले को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ग्रामीणों को समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
 ग्राम पंचायत मिसमा स्थित प्राथमिक शाला परिसर में VB-GRAM-G योजना अंतर्गत निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल, बालिका शौचालय, किचन शेड सहित अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए जिला सीईओ ने निर्माण की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। उन्होंने सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं तकनीकी अमले को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होने चाहिए। साथ ही नियमित निगरानी और मौके पर गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हितग्राहियों से सीधा संवाद कर जानी योजनाओं की जमीनी स्थिति। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों से बातचीत कर आवास निर्माण की प्रगति, प्राप्त किश्तों और योजना से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। प्रथम किश्त से वंचित पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में क्ठज् लिंकिंग की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें समय पर आवास निर्माण की राशि प्राप्त हो सके। ग्रामीणों को आवास निर्माण से संबंधित आवश्यक जानकारी देने के साथ उनकी समस्याएं भी सुनी गईं। इस दौरान ग्रामीणों को RSETI के माध्यम से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों को कौशल विकास के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकें।
 गुणवत्ता, पारदर्शिता और हितग्राही संतुष्टि सर्वाेच्च प्राथमिकता। जिला सीईओ ने कहा कि शासन की योजनाओं के तहत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का अंतिम उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसलिए गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता और हितग्राही संतुष्टि को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मैदानी अमले को हितग्राहियों से निरंतर संपर्क बनाए रखने, उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। औचक निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि ग्रामीण विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और योजनाओं की जमीनी सफलता ही प्रशासन की वास्तविक कसौटी है।

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