कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला कार्यालय के कर्मचारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
कवर्धा, 07 सितंबर 2026/sns/- कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला कार्यालय में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर कार्यालयीन कार्यों के सुचारू एवं व्यवस्थित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिला कार्यालय शासन की विभिन्न योजनाओं एवं प्रशासनिक गतिविधियों के क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन करें तथा आम नागरिकों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। कलेक्टर ने जिला कार्यालय में शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य संपादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में डिजिटल प्रणाली का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए तथा फाइलों के अनावश्यक लंबित रहने की स्थिति न बने। सभी अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रकरणों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करें, जिससे कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता, गति एवं जवाबदेही बनी रहे। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र पैकरा, श्री रामप्रसाद आचला, डिप्टी कलेक्टर श्री सागर सिंह राज सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
उन्होंने संयुक्त जिला कार्यालय की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कार्यालयों में उपलब्ध फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पुरानी कुर्सी-टेबल जो मरम्मत योग्य हैं, उनकी आवश्यकतानुसार मरम्मत कराई जाए तथा जर्जर एवं अनुपयोगी फर्नीचर को हटाया जाए। उन्होंने कार्यालय परिसर में स्वच्छता, व्यवस्थित रख-रखाव एवं बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखने पर भी जोर दिया। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को प्रातः 10 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन समय का सभी अधिकारी-कर्मचारी गंभीरता से पालन करें तथा निर्धारित समय से पूर्व कार्यालय न छोड़ें। उन्होंने शाम 5.30 बजे के बाद ही कार्यालय छोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर उपस्थिति एवं कार्यालयीन अनुशासन प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कलेक्टर ने स्थापना शाखा के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्थापना लिपिक को सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश का पंजी संधारण करने तथा अवकाश से संबंधित आवश्यक जानकारी अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी व्यवस्थित एवं अद्यतन रूप से संधारित की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारी-कर्मचारियों के मेडिकल, यात्रा भत्ता एवं अन्य लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे सभी लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए तथा पात्रता के अनुरूप मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने संजीवनी कोष के माध्यम से मरीजों को उपचार के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने इस योजना को अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उपयोगी बताते हुए जिले में इसके समुचित क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि पात्र मरीजों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराते हुए उन्हें नियमानुसार समय पर सहायता दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि जरूरतमंद लोगों को उपचार के लिए शासन की सहायता का अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में कलेक्टर ने जनसंपर्क निधि, स्वेच्छा अनुदान एवं आरबीसी 6-4 सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए योजनाओं एवं प्रावधानों का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा आमजन एवं जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाया जाए।
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले में चल रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सर्वेक्षण की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने मैदानी अमले को सक्रिय रूप से कार्य करने तथा सर्वेक्षण से संबंधित जानकारी को सही एवं समय पर दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में फसल संबंधी आंकड़ों का डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से तैयार हो सके। बैठक में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने भू-अर्जन, स्वामित्व योजना एवं अभिलेख शुद्धता सहित अन्य राजस्व प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों में शुद्धता बनाए रखना महत्वपूर्ण है, इसलिए अभिलेखों से संबंधित कार्यों में विशेष सावधानी बरती जाए तथा लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत किया जाए।