सेवा की कहानीः खाद्यान्न सुरक्षा से रामबाई के परिवार को मिला संबल, राशन पर होने वाला खर्च बचा
अम्बिकापुर 24 सितम्बर 2026/sns/- रोज मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने वाले परिवारों के लिए खाद्यान्न पर होने वाला खर्च घरेलू बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। नियमित रूप से उचित मूल्य दुकान से खाद्यान्न मिलने पर यह खर्च कम होने के साथ परिवार की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होती है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सकालो की रहने वाली श्रीमती रामबाई के परिवार के लिए खाद्यान्न सुरक्षा योजना इसी तरह सहारा बनी है। उन्हें उचित मूल्य दुकान से हर महीने 35 किलो चावल के साथ शक्कर, चना और नमक मिल रहा है। इससे अब परिवार को बाजार से चावल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती और मजदूरी से मिलने वाली आय का एक हिस्सा घर की दूसरी आवश्यकताओं के लिए बच रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपनी सेवा की कहानी साझा करते हुए रामबाई बताती हैं कि उनका परिवार मजदूरी पर निर्भर है। पहले मजदूरी से मिलने वाली आय में से ही परिवार के लिए बाजार से चावल और अन्य राशन खरीदना पड़ता था। सीमित आमदनी का बड़ा हिस्सा भोजन की व्यवस्था में खर्च हो जाने के कारण दूसरी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए कम राशि बचती थी।
पहले कमाई मिलते ही करनी पड़ती थी राशन की व्यवस्था
रामबाई बताती हैं कि पहले मजदूरी से पैसे मिलने के बाद उनकी पहली चिंता घर के लिए राशन खरीदने की होती थी। चावल खरीदने में ही कमाई का एक हिस्सा खर्च हो जाता था। परिवार की आय सीमित होने के कारण राशन पर होने वाला यह खर्च उनके घरेलू बजट पर असर डालता था।
अब उचित मूल्य दुकान से नियमित खाद्यान्न मिलने से परिस्थितियां बदली हैं। रामबाई के अनुसार उन्हें हर महीने 35 किलो चावल के साथ शक्कर, चना और नमक मिलता है। परिवार की भोजन संबंधी जरूरत का बड़ा हिस्सा इससे पूरा हो जाता है। इसलिए बाजार से अलग से चावल खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
नियमित राशन से भोजन की चिंता हुई कम
रामबाई बताती हैं कि परिवार के सदस्यों की संख्या में समय के साथ बदलाव हुआ, लेकिन घर की रोजमर्रा की जरूरतों में राशन सबसे जरूरी रहा है। नियमित खाद्यान्न मिलने से परिवार को भोजन की व्यवस्था करने में सहूलियत मिली है। चावल के साथ अन्य सामग्री मिलने से घर की रसोई चलाने में भी मदद मिल रही है।
उनका कहना है कि मजदूरी करने वाले परिवार के लिए नियमित राशन मिलना बड़ी राहत है। पहले बाजार से चावल खरीदने के लिए मजदूरी की कमाई का इंतजार करना पड़ता था। अब उचित मूल्य दुकान से राशन मिलने के कारण परिवार के भोजन की व्यवस्था अधिक नियमित हुई है।
खाद्यान्न सुरक्षा बनी परिवार का सहारा
खाद्यान्न सुरक्षा योजना से मिले लाभ को बताते हुए रामबाई कहती हैं, “अब राशन के लिए हमें दिक्कत नहीं हो रही है। सोसाइटी से चावल निशुल्क और दूसरी सामग्री मिल जाती है। हमारे परिवार के खाने-पीने के लिए इससे बहुत सहारा हो रहा है।”
नियमित खाद्यान्न मिलने से रामबाई के परिवार को बाजार से राशन खरीदने पर होने वाले खर्च में राहत मिली है। मजदूरी से प्राप्त सीमित आय का उपयोग अब भोजन के अलावा परिवार की अन्य आवश्यकताओं में भी किया जा रहा है। खाद्यान्न की नियमित उपलब्धता ने परिवार के दैनिक जीवन में आर्थिक सहूलियत के साथ भोजन की चिंता भी कम की है।
रामबाई ने योजना से मिल रही खाद्यान्न सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य दुकान से नियमित राशन मिलने से उनके जैसे मजदूरी करने वाले परिवारों को घर चलाने में बड़ी मदद मिल रही है।