केवीके में इको ह्यूमस जैविक खाद तकनीक पर दो दिवसीय कृषक कार्यशाला संपन्न
सुकमा, 24 सितम्बर 2026/sns/- माननीय कलेक्टर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा के संयुक्त तत्वावधान में कृषि अपशिष्ट एवं गोबर से इको ह्यूमस जैविक खाद तैयार करने की तकनीक पर 21 एवं 22 सितंबर को दो दिवसीय कृषक कार्यशाला आयोजित की गई। जनजातीय बहुल जिले में बढ़ती कृषि लागत और मिट्टी के जैविक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप संचालक कृषि पी.आर. बघेल ने की, जबकि कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख राजेंद्र प्रसाद कश्यप ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया। जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष ईडो एवं भारतीय किसान संघ के जिला महामंत्री धरम नाग भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में सुकमा, छिंदगढ़ एवं कोंटा विकासखंडों के 53 कृषि अधिकारियों और 157 किसानों सहित अन्य प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण लिया। नेचरप्योर रिसर्च सेंटर, असम के दिनेश पारीक, गुजरात के पीताम्बर प्रजापति, वनवासी विकास समिति भिलाई के संतोष परांजपे एवं नायनी जंगैया ने इको ह्यूमस तकनीक की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी। प्रतिभागियों को केले के तने, पैरा, अन्य कृषि अवशेष एवं गोबर से जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया के साथ कच्चे पदार्थों का चयन, उचित मिश्रण, नमी प्रबंधन और अपघटन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र की इकाई में इको ह्यूमस खाद तैयार करने का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि कृषि अपशिष्ट एवं स्थानीय संसाधनों को उपयोगी जैविक खाद में परिवर्तित कर किसानों द्वारा खेत स्तर पर संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। इको ह्यूमस के उपयोग से मिट्टी में जैविक पदार्थ एवं लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ने में सहायता मिल सकती है तथा अनुकूल परिस्थितियों में केंचुओं की संख्या एवं गतिविधि में वृद्धि से मिट्टी की संरचना और जैविक स्वास्थ्य में सुधार में मदद मिल सकती है। कार्यशाला के माध्यम से जिले में इस तकनीक के विस्तार तथा एक आदर्श प्रदर्शन इकाई विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. परमानंद, डॉ. योगेश कुमार सिदार, डॉ. गुंजेश्री गोंड, डॉ. संजय सिंह राठौर सहित कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।