कृषि विज्ञान केंद्र बीजापुर ने जगाई स्वच्छता
बीजापुर, 25 सितम्बर 2026/sns/- 17 सितंबर से शुरू हुए राष्ट्रीयव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा‘ अभियान के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, बीजापुर के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों द्वारा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। स्वच्छता में सहभाग की थीम पर आधारित इस अभियान के माध्यम से केंद्र ने किसानों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठाया है।
प्राथमिक शाला पनारापारा में बच्चों को मिला स्वच्छता का पाठ
अभियान की एक खूबसूरत कड़ी प्राथमिक शाला पनारापारा में देखने को मिली। कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने स्कूल के नन्हे बच्चों के बीच पहुँचकर उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता और अपने आस-पास के परिवेश को साफ रखने के महत्व को समझाया। बच्चों को खेल-खेल में कचरा प्रबंधन और हाथ धोने के सही तरीकों के बारे में बताया गया। स्कूली बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ स्कूल परिसर की सफाई में श्रमदान किया और यह संकल्प लिया कि वे अपने घरों को भी स्वच्छ रखेंगे।
बीजापुर के विभिन्न गाँवों में श्रमदान और जागरूकता चौपाल
कृषि विज्ञान केन्द्र बीजापुर की टीम केवल दफ्तरों या संस्थाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि बीजापुर के अलग-अलग सुदूर और ग्रामीण अंचलों में जाकर किसानों और ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाई। गाँवों में फैली गंदगी और कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाया गया। वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को समझाया कि कैसे घर और गाँव की स्वच्छता सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी हुई है।
कबाड़ से कंचनः कृषि अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर
गाँवों में चौपाल के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों के कचरे (कृषि अपशिष्ट) को जलाने के बजाय उससे कम्पोस्ट (खाद) बनाने की तकनीक की जानकारी दी। इससे न सिर्फ गाँवों में स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि किसान जैविक खाद बनाकर अपनी खेतों की उर्वरा शक्ति भी बढ़ा सकेंगे।
नतीजा और आगे की राहः
17 सितंबर से शुरू हुआ यह सफर अब बीजापुर के गाँवों में एक आदत का रूप ले रहा है। प्राथमिक शाला पनारापारा के बच्चों की मुस्कान और गाँवों में ग्रामीणों का बढ़ता सहयोग इस बात का प्रमाण है कि कृषि विज्ञान केंद्र, बीजापुर का यह प्रयास रंग ला रहा है। 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक चलने वाले इस अभियान के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र आने वाले दिनों में अन्य गाँवों में भी इस मुहिम को और तेज करने के लिए पूरी तरह तैयार है।