गांव की जरूरत और ग्रामीणों की भागीदारी से बनेगी विकास की रूपरेखा

अम्बिकापुर, 01 अक्टूबर 2026/sns/- विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)-जी राम जी के अंतर्गत गांव की वास्तविक जरूरतों और ग्रामीणों की सहभागिता के आधार पर विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार किया जाएगा। इसके तहत ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार सृजन तथा आजीविका संवर्धन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए गांव के विकास की कार्ययोजना बनाई जाएगी

कलेक्टर सरगुजा के निर्देशानुसार एवं
जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में बुधवार को जिला पंचायत सरगुजा के सभाकक्ष में ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना निर्माण के संबंध में कार्यक्रम अधिकारियों, सहायक प्रोग्रामरों, तकनीकी सहायकों एवं सीएसओ के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की पूरी प्रक्रिया, विभिन्न चरणों और समय-सीमा की विस्तार से जानकारी दी गई।

2 अक्टूबर की ग्राम सभा में ग्रामीण तय करेंगे विकास की प्राथमिकताएं
कार्यशाला में बताया गया कि आगामी वर्ष के लिए विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा से आगे बढ़ेगी। इसमें ग्रामीण अपने गांव की जरूरतों, समस्याओं, उपलब्ध संसाधनों, रोजगार एवं आजीविका के अवसरों की पहचान करते हुए विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। ग्राम पंचायत स्तर की कार्ययोजना में स्थानीय आवश्यकता और ग्रामीणों की मांग को प्रमुखता दी जाएगी।

जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों से कहा कि कार्यशाला में दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारियों को मैदानी स्तर तक पहुंचाया जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं के माध्यम से योजना निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उन्होंने कार्ययोजना निर्माण में विभागीय अभिसरण पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए, जिससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए गांव के संतुलित विकास की रूपरेखा तैयार की जा सके।

उन्होंने कहा कि योजना निर्माण में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो। ग्रामीण स्वयं गांव की जरूरतों तथा रोजगार और आजीविका के अवसरों की पहचान करें और समस्याओं एवं विकास की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने में अपनी भूमिका निभाएं।

पांच चरणों में तैयार होगा विकसित ग्राम पंचायत प्लान

कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर एवं सहायक परियोजना अधिकारी रवि गुप्ता ने पीपीटी के माध्यम से वीजीपीपी प्लान के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया को पांच चरणों में समयबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा।

प्रथम चरण में ग्राम सभा पूर्व गतिविधियों के तहत आवश्यक आंकड़ों के संकलन एवं क्षमता निर्माण का कार्य किया जाएगा। द्वितीय चरण में 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों की सहभागिता से आवश्यक कार्यों की योजना तैयार की जाएगी। तृतीय चरण में अक्टूबर से नवंबर के बीच प्रस्तावित कार्यों पर परामर्श एवं उनका मानकीकरण किया जाएगा। चतुर्थ चरण में दिसंबर माह में तैयार प्रारूप को ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत कर अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद पांचवें चरण में 15 जनवरी तक पंचायत स्तर पर सभी योजनाओं का संकलन कर समेकित प्लान तैयार किया जाएगा।

सशक्तिकरण, अभिसरण और संतुलित विकास पर रहेगा जोर
प्रशिक्षण के दौरान मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की मांग और स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप श्रममूलक कार्यों को कार्ययोजना में शामिल किया जाए। विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने में सशक्तिकरण, अभिसरण और संतुलित विकास को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत के अधिकारी, जनपद पंचायतों के कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी अमला, सीएसओ तथा बड़ी संख्या में मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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