3 अक्टूबर को आयोजित होगी एक दिवसीय एआई कार्यशाला
रायगढ़, 1 अक्टूबर 2026/sns/- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं से जिले के विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, प्रशासन, उद्योग-व्यवसाय और नागरिकों को जोड़ने की दिशा में रायगढ़ में 3 अक्टूबर को विशेष एआई कार्यशाला आयोजित की जाएगी। भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत आईआईआईटी नया रायपुर के एआई सेन्टर ऑफ एक्सलेंस और जिला प्रशासन रायगढ़ के संयुक्त आयोजन में यह एक दिवसीय कार्यशाला संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम पंजरी प्लांट रायगढ़ में होगी। ‘रायगढ़ की एआई उड़ान-जागरूकता से नवाचार तक’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।
कार्यशाला के लिए कुल 5,136 लोगों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 1,750 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। चयनित प्रतिभागियों में विद्यार्थी, युवा, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, उद्यमी, व्यवसायी तथा नई तकनीकों में रुचि रखने वाले नागरिक शामिल हैं। कार्यशाला के प्रथम चरण में प्रतिभागियों को एआई की वर्तमान क्षमताओं तथा शिक्षा, प्रशासन, उद्योग, व्यवसाय, रोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में इसके उपयोग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही रायगढ़ की स्थानीय समस्याओं के समाधान में एआई आधारित तकनीकी समाधानों की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।
दूसरे चरण में चयनित 120 प्रतिभागियों के लिए विशेष टेक्निकल हैण्ड्स ऑन टेªनिंग आयोजित की जाएगी। इसमें एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के साथ छोटे प्रोजेक्ट बेस्ट एक्सरसाईज कराए जाएंगे, ताकि प्रतिभागी एआई को समझने के साथ उसका उपयोग वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कर सकें।
आईआईआईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. (डॉ.) ओ.पी. व्यास के नेतृत्व में एआई विशेषज्ञों की टीम कार्यशाला का संचालन करेगी। आयोजन को केवल एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए आईआईआईटी-एनआर एआई-सीओई के हब स्पोक मॉडल के अंतर्गत रायगढ़ में दीर्घकालिक एआई इको सिस्टम विकसित करने की दिशा में शुरुआती कदम के रूप में तैयार किया गया है। आगे प्रशिक्षण, कौशल विकास, स्थानीय समस्याओं के समाधान, नवाचार और कोलाबोरेटिव प्रोजेक्ट के माध्यम से रायगढ़ को एआई-सीओई के सक्रिय स्पोक के रूप में विकसित करने तथा भविष्य में एआई लिविंग लैब की दिशा में आगे बढ़ाने की परिकल्पना है। औद्योगिक जिले के रूप में रायगढ़ में एआई के माध्यम से शिक्षा, प्रशासन, उद्योग, कौशल विकास, उद्यमिता और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। इस पहल का लक्ष्य स्थानीय प्रतिभाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें जिले के समस्याओं के समाधान स्वयं विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।