राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना से संध्या बनीं आत्मनिर्भर

अम्बिकापुर, 08 अक्टूबर 2026/sns/-    छत्तीसगढ़ शासन की राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने और हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने में मददगार साबित हो रही है। योजना के तहत अनुदान प्राप्त कर लमगांव निवासी संध्या डेयरी व्यवसाय के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
संध्या को वर्ष 2024 में राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत अनुदान प्राप्त हुआ। इससे उन्हें गायों के पालन-पोषण और डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायता मिली। वर्तमान में उन्हें प्रतिदिन लगभग 30 लीटर दूध प्राप्त होता है। दूध की बिक्री से रोजाना करीब 1,200 रुपये और महीने में लगभग 30 हजार रुपये की आय होती है। चारा-पानी एवं अन्य खर्चों को निकालने के बाद उन्हें प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपये की बचत हो रही है। इस प्रकार उनकी सालाना बचत करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच रही है।
संध्या के लिए पशुपालन आय का स्थायी साधन बनने के साथ ही भविष्य में आर्थिक मजबूती का आधार भी बन रहा है। गायों से उन्हें तीन बछियां प्राप्त हुई हैं, जिन्हें वे भविष्य में प्रजनन के लिए तैयार कर रही हैं। इससे आने वाले समय में उनके पशुधन में वृद्धि होने और डेयरी व्यवसाय को और विस्तार देने की संभावनाएं हैं। संध्या ने योजना के तहत सहयोग प्रदान करने के लिए पशुपालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

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