स्वस्थ मन से संवरेगा भविष्य, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर छात्राओं को दिया जागरूकता का संदेश

बीजापुर, 11 अक्टूबर 2026/sns/- विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP) के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भोपालपटनम में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराना, उनमें सकारात्मक सोच विकसित करना तथा तनाव, चिंता एवं अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना रहा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी, सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर, जिला नोडल अधिकारी डॉ. पी. विजय एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री वरुण साहू के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने तथा जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक तरीके से सामना करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

पेपर कार्ड गतिविधि से रोचक अंदाज में समझाया मानसिक स्वास्थ्य का महत्व
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण छात्राओं के लिए आयोजित पेपर कार्ड आधारित रोचक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधि रही। इसके माध्यम से छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, भावनाओं की पहचान, तनाव प्रबंधन एवं सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में सरल और प्रभावी तरीके से समझाया गया।

इस गतिविधि का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर सहजता से जानकारी उपलब्ध कराना तथा उन्हें अपनी भावनाओं को समझने और व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना था।

चिंता और अवसाद के लक्षणों को पहचानना जरूरी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को चिंता (Anxiety), अवसाद (Depression) एवं आत्महत्या की रोकथाम (Suicide Prevention) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।

छात्राओं को बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। अत्यधिक तनाव, लगातार उदासी, चिंता एवं भावनात्मक परेशानियों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते अभिभावकों, शिक्षकों, विश्वसनीय व्यक्तियों अथवा स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सहायता लेना आवश्यक है।

साथ ही छात्राओं को अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने, सकारात्मक दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त नींद लेने, नियमित शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने तथा पढ़ाई के साथ मनोरंजन और विश्राम के लिए भी समय निकालने के महत्व से अवगत कराया गया।

 मानसिक परेशानियों को छिपाएं नहीं, समय पर लें सहायता
कार्यक्रम में छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर संकोच या भय महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी होने पर समय रहते उचित परामर्श एवं सहायता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।

आत्महत्या की रोकथाम के संबंध में भी जागरूक करते हुए भावनात्मक संकट से गुजर रहे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने, उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनने तथा उन्हें उचित सहायता से जोड़ने के महत्व पर जोर दिया गया।

जागरूक छात्राएं बनेंगी स्वस्थ समाज की आधारशिला
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस जागरूकता गतिविधि के माध्यम से छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी मजबूत होना आवश्यक है।

*विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास, भावनात्मक समझ और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।*

*कार्यक्रम का प्रमुख संदेश रहा— “मन स्वस्थ तो जीवन खुशहाल, मानसिक स्वास्थ्य का रखें ख्याल।

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